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6 वर्ष पहले
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महापौर घनश्याम ओझा ने पेश किया अपना पहला बजट
जोधपुर। राज्य के दूसरे बड़े शहर जोधपुर के नगर निगम में नए महापौर ने गुरुवार को आगामी वित्त वर्ष के लिए 754 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। बजट में आय बढ़ाने के कोई प्रयास नहीं किए गए है। जितनी आय होगी उतनी ही राशि खर्च की जाएगी। पहले से चल रहे सवा सौ करोड़ के कर्ज को चुकाने के लिए निगम शहर के विभिन्न स्थानों पर अपनी जमीनों को बेचकर यह राशि जुटाएगा। वहीं महापौर ने अपने बजट में दस करोड़ की लागत से शहर में नया ऑडिटोरियम बनाने की सौगात अवश्य दी।
महापौर घनश्याम ओझा ने गुरुवार को निगम में पेश अपने पहले बजट के माध्यम से शहर के विकास की रूपरेखा सामने रखी। लोगों को उम्मीद थी कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने का लाभ शहर को मिलेगा, लेकिन बजट में कोई विशेष घोषणा देखने को नहीं मिली। गत वर्ष निगम में 719 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। यह राशि इससे पूर्व के वर्ष से 182 करोड़ रुपए ज्यादा थे। निगम ने गत वर्ष 684 करोड़ की आय का अनुमान लगाया था। लेकिन निगम ने 31 जनवरी 2015 तक इससे कहीं अधिक 798 करोड़ की आय अर्जित की, लेकिन राशि खर्च करने के मामले में निगम का हाथ ढिला रहा। यही कारण रहा कि आय से दोगुना राशि यानि 1535 करोड़ रुपए निगम ने खर्च कर दिए। इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच के कार्यकाल का अन्तिम वर्ष होने के कारण उन्होंने दिल खोलकर काम करवा दिए। इस कारण निगम पर करीब सवा सौ करोड़ रुपए की उधारी हो गई। अब इस बोर्ड को उधारी चुकाने में जोर आ रहा है।
विकास कम रोजमर्रा के काम ज्यादा
महापौर ने साढ़े सात सौ करोड़ का बजट तो पेश कर दिया, लेकिन इसमें किसी प्रकार का विजन नजर नहीं आया। अधिकांश खर्च रोजमर्रा के कामों में ही पूरा हो जाएगा। ऐसे में विकास कार्य गति पकड़ने के आसार कम ही नजर आ रहे है। वहीं ऐसा माना जा रहा था कि पहला बजट होने व चुनाव नहीं होने के कारण महापौर निगम की आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे। ऐसे में माना जा रहा था कि वे आय बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर कुछ नए कर लोगों पर थोपेंगे, लेकिन ऐसा कोई प्रवाधान किया ही नहीं किया।
दस करोड़ की लागत से बनेगा ऑडिटोरियम
महापौर ने अपने बजट प्रस्ताव में शहर में नया ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक इसके लिए स्थान का चयन नहीं किया गया है, लेकिन शीघ्र ही जेडीए से बात कर स्थान को अन्तिम रूप दे दिया जाएगा। बजट में इसके लिए दस करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। शहर में इस समय जयनारायण व्यास स्मृति टाउन हॉल व मेडिकल कॉलेज का सभागार विभिन्न आयोजनों के दौरान काम में आते है। इनकी क्षमता कम होने के साथ ही कई बार आयोजन अधिक होने से लोगों को ऑडिटोरियम की कमी महसूस हो रही थी।
पार्षदों के लिए पचास लाख
अपने बजट प्रस्ताव में ओझा ने शहर के प्रत्येक वार्ड में विकास कराने के लिए सांसद व विधायक कोष के समान ही पार्षदों को अपने वार्ड में विकास कार्य कराने को पचास-पचास लाख रुपए का प्रावधान किया। इस राशि से पार्षद की अनुशंसा पर उसके वार्ड में विकास कार्य कराए जाएंगे।