जोधपुर। सूर्यनगरी में स्वाइन फ्लू का प्रकोफ थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में गुरुवार तड़के स्विटजरलैंड से यहां घूमने आई एक महिला की मौत हो गई। इसे मिलाकर इस बार स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 27 हो गई। वहीं अब तक सवा दो सौ लोग स्वाइन फ्लू से पीड़ित हो चुके है। जबकि डेढ़ सौ से अधिक स्वाइन प्लू संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आना शेष है।
स्विटजरलैंड से जैसलमेर घूमने आई सत्तर वर्षीय एनी मैरी की तबीयत खराब होने पर उसे यहां लाकर मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कल रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए थे। उसकी रिपोर्ट भी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई लेकिन एनी के मरने के बाद।
चिकित्सकों का कहना है कि एनी फेफड़ों में कैंसर से भी पीड़ित थी। प्रशासन ने नई दिल्ली स्थित स्विटजरलैंड के राजदूत को इस बारे में सूचित कर दिया है। साथ ही एनी की पुत्री को भी स्विटजरलैंड में भी सूचित किया गया है। उसकी पुत्री के आने तक ऐनी का शव यहां मोर्चरी में रखवाया गया है।
बढ़ता जा रहा है स्वाइन फ्लू
जयपुर की अपेक्षा इस बार जोधपुर में स्वाइन फ्लू धीमी गति से फैलना शुरू हुआ। अब यह तेजी से यहां पांव पसार रहा है। अब तक सवा दो सौ से अधिक मरीज सामने आ चुके है। चिकित्सकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मरीज सामने आने के बावजूद सबसे अच्छी बात यही है कि बड़ी संख्या में लोग ठीक होकर अपने घर जा रहे है। उनका कहना है कि शुरुआत में ही जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों का इलाज आसानी से हो जाता है। ऐसे में घबराने की बजाय सर्तक रहने की आवश्यकता है।
गर्मी बढ़ने का इंतजार
स्वाइन फ्लू का वायरस सर्दी के मौसम में तेजी से पांव पसारता है। वहीं तापमान बढ़ने के साथ इसका असर स्वत: ही कम होना शुरू हो जाता है। ऐसे में प्रशासन सहित सभी लोग गर्मी बढ़ने के इंतजार में है। लेकिन मारवाड़ में अभी गर्मी शुरू होने में एक माह का समय लगेगा। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वाइन फ्लू का असर कम हो जाता है। पूर्व में भी यहां पर स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ने के समय तापमान बढ़ने के साथ इसका असर अपने आप कम होता गया।