जयपुर/चुरु/झालावाड़/पिलानी/चिड़ावा। डी-वार्मिंग डे पर बच्चों के पेट के कीड़े मारने के लिए सरकार की कवायद ने स्कूली बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया है। कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल दवा के सेवन से राज्य के चूरू, झालावाड़, पिलानी और चिड़ावा के स्कूलों के करीब 70 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए हैं। कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
शुरुआती दौर में ही बीमार पड़े बच्चे…
चिड़ावा के कुछ गैर सरकारी स्कूल में सुबह प्रार्थना के बाद बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा पिलाई गई। दवा पीने के तुरंत बाद ही कुछ बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। इसके बाद एक के बाद एक कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की। इनमें अंबेडकर पब्लिक स्कूल और महर्षि दयानंद माध्यमिक विद्यालय के करीब 48 बच्चे बीमार हो गए जिन्हें चिड़ावा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 44 बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
रिएक्शन होता है इस दवा का :
डॉक्टर्स के मुताबिक यह दवा खाना खाने के करीब दो से ढाई घंटे बाद पिलानी चाहिए। ऐसा लगता है बच्चों को खाली पेट या खाना खाने के तुरंत बाद ही दवा दे दी गई थी। हालांकि इस दवा का रिएक्शन भी होता है, जिसमें उल्टी और पेट दर्द होता है।
सरकार की मुहिम है कि प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में 19 साल तक के 2 करोड़ 47 लाख 40 हजार 222 बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस पर एल्बेंडाजोल निशुल्क बांटनी है। इसमें चिकित्सा विभाग के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग भी शिक्षा विभाग का सहयोग कर रहा है। बुधवार को जैसे ही दवाओं का वितरण हुआ और बच्चों को दवाएं दी गईं उन्हें पेट दर्द की शिकायत हुई। बाद में इन्हें पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया गया। कई बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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फोटो विपुल महमिया