जयपुर। जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने पहले शहर के मेट्रो स्टेशनों तक बीसलपुर योजना की पाइपलाइन कम गहराई व घटिया क्वालिटी की डाल दी। अब विभाग के आला अफसर पूरे मामले को दबाने के लिए रिपोर्ट में लीपापोती करने में लगे हैं। विभाग के चीफ इंजीनियरों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के बजाए काम करने में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों से ही रिपोर्ट मांग ली।
चीफ इंजीनियर ने योजना की माप पुस्तिका को सील करने व भुगतान के बारे में कोई निर्देश नहीं दिए हैं। ऐसे में विभाग के पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट के कार्यों, मॉनिटरिंग व जांच प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है।
चीफ इंजीनियर सीएम चौहान ने बताया कि पहले संबंधित इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी है। जरूरत होगी तो कमेटी बना कर जांच करवा लेंगे।
यह है मामला :
मेट्रो स्टेशनों पर बीसलपुर योजना से पानी देने के लिए जयपुर मेट्रो ने जलदाय विभाग को करीब 125 लाख रुपए दिए हैं। सिविल लाइन, श्याम नगर व मानसरोवर सेक्टर -1 के पंप हाउसों से मेट्रो स्टेशनों तक डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइप की लाइन डाली जा रही है। विभाग ने पाइपलाइन डालने के लिए दिविजा कंस्ट्रक्शन कंपनी को 94 लाख रुपए का वर्क ऑर्डर दिया है।
पाइपलाइन व वाल्व लगाने के कार्य के दौरान इंजीनियरों की लापरवाही के कारण ठेकाकर्मियों ने कम गहराई व उबड़- खाबड़ लेवल पर पाइपलाइन डाल दिए। लोगों ने रात के समय इंजीनियरों की गैर मौजूदगी में हुए कार्य के दौरान हल्की क्वालिटी के पाइप डालने की आशंका भी जताई है तथा विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से पाइप के सैंपल लेकर जांच करवाने की मांग की है।