जयपुर। जेएनयू के छात्रों ने देश के खिलाफ जो भी कदम उठाया वो बिल्कुल गलत है। जिस मिट्टी में रहते हैं। जहां खुद को सींचते हैं, उसकी सम्मान की जिम्मेदारी भी हमारी ही होनी चाहिए। जयपुर आए जाने-माने सरोद वादक पद्मभूषण उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि भारत जैसा सहिष्णु देश कोई और नहीं है। यहां महात्मा गांधी ने जन्म लिया था। उनकी सहिष्णुता के चर्चे तो देश-विदेश में भी है। अवार्ड वापसी गलत कदम…
देश में इंटॉलरेंस, अवार्ड वापसी और देश विरोधी नारों पर बेबाकी से बात करते हुए उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि दुनिया को भारत जैसे देश ने सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया है। यहां बुजुर्गों का सम्मान करना सीखाया जाता है। यहां दोनों हाथों से प्रणाम किया जाता है। ये सद्भाव का प्रतीक है। दूसरे देशों में तो एक हाथ से ही काम चल जाता है। जो शिक्षा इंसान को अपनी मिट्टी का सम्मान करना न सिखाए, उसे रहम दिल न बनाए ऐसी शिक्षा बेकार है।
अगली स्लाइड में जानिए पापुलेशन कंट्रोल पर मुस्लिम धर्म को लेकर क्या कहा अमजद अली ने