जयपुर

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राजस्थान NSUI चुनावों के नतीजों से पहले 5 कार्यकर्ता गिरफ्तार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला

राजस्थान NSUI चुनावों के नतीजों से पहले 5 कार्यकर्ता गिरफ्तार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला

Danik Bhaskar

Jun 19, 2017, 11:01 AM IST
अभिमन्यू पूनिया को एनएसयूआई प अभिमन्यू पूनिया को एनएसयूआई प
जयपुर. NSUI के प्रदेश स्तरीय चुनावों के वोटो की गिनती के बाद परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जिलाध्यक्षों के परिणाम सोमवार शाम तक सामने आए। हालांकि इनकी पुष्टि संगठन की तरफ से नहीं की गई, लेकिन विजेताओं के अनुसार उनकी विजय हुई है। आधी रात के बाद आए परिणाम...
- प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, सचिव, नेशनल डेलिगेट सहित विभिन्न पदों की मतगणना देर रात पूरी हुई।
- तनाव की आशंका को देखते हुए आधी रात बाद परिणाम जारी करने की रणनीति बनाई गई है। दिन भर ईसरदा पैलेस मैरिज गार्डन में मतगणना चलती रही।
- शाम तक छह जिलों के परिणाम सामने आए। इनमें से अधिकांश में एक जाति के प्रत्याशियों की जीत हुई।
- बारां जिले के जिलाध्यक्ष का परिणाम शीर्ष दो प्रत्याशियों में एक वोट का अंतर होने से विवाद में गया। इस कारण से फिलहाल परिणाम रोक दिया गया है।
अभिमन्यू पूनिया एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष चुने गए
- बता दें कि अभिमन्यू पूनिया को एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। वे 5604 वोटों के साथ चुनाव जीते। अभिषेक 4248 के साथ दूसरे नंबर पर रहे।
- जयपुर जिले के कॉलेज स्टूडेंट्स ने धर्मवीर चौधरी को अध्यक्ष चुना। चौधरी को 445 वोट मिले और वे 144 वोटों से विजेता चुने गए।
- इसी तरह बीकानेर में रामनिवास जाट कूकना 68 मतों से विजयी रहे। उदयपुर से कौशलेश चौधरी 176 मतों से विजयी रहे।
- सीकर से सुधीर ओला 3 वोट से जीते। टोंक से जसराम मीणा 116 वोट से विजयी घोषित किए गए। पाली से मनीष पालरिया को जिलाध्यक्ष चुना गया। इन छह जिलों के परिणाम शाम तक प्राप्त हुए। शेष सभी पदों के लिए मतगणना रात 12 बजे तक जारी थी।
चुनाव के दौरान हुआ था हंगामा
- बता दें कि दो दिन हुए चुनाव के अंतिम दिन जयपुर में भारी हंगामा हुआ था।
- करीब 300 वोटरों को फर्जी बताने पर गुस्साए दो प्रत्याशियों के समर्थक लाठी-सरिये लेकर आए और 20 से ज्यादा कार-जीपों में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव भी किया गया था। पुलिस ने उत्पातियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। 50 युवक हिरासत में लिए गए।
23 पदाधिकारी थे शक के घेरे में
- इससे पहले एनएसयूआई के प्रदेश और जिला स्तरीय चुनाव के लिए पहली बार कराई गई 68 हजार सदस्य छात्रों की उच्चस्तरीय जांच में 28 हजार से ज्यादा फर्जी निकले थे। इतना ही नहीं जांच में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर चुके 23 पदाधिकारी भी शक के घेरे में आ गए थे। इनमें से 12 के नामांकन रद्द कर दिए गए थे, जबकि 10 से 12 की जांच अभी पेंडिंग रखी गई है।
- इनके नामांकन के आगे लिख दिया गया है कि दोषी पाए जाने पर चुनाव जीतने पर भी उनका नामांकन निरस्त मानते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
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