रायपुर. प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशिला साहू ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यवाही ठीक नहीं है और उसमें सुधार की जरूरत है।
'बढ़ रहे टोनही प्रताड़ना के केस'
छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 पर यहां सर्किट हाउस में मंगलवार को आयोजित एकदिवसीय वर्कशॉप में मंत्री ने कहा, "पुलिस लोगों की ठीक से सहायता नहीं कर पा रही है, इसलिए टोनही प्रताड़ना जैसे केस बढ़ रहे हैं। पुलिस को जनता की मदद करनी चाहिए।"
'टोनही शब्द ही गलत'
मंत्री ने वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि टोनही प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर जनजागरूकता लाने की जरूरत है, सिर्फ पुलिस समस्या का समाधान नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी महिला के लिए टोनही शब्द का प्रयोग ही गलत है।
फायदे के लिए बनाते हैं 'टोनही': अनु
वर्कशॉप में ऑक्सफेम इंडिया कि जेंडर जस्टिस प्रोग्राम ऑफिस अनु वर्मा ने अपने प्रेजेंटेशन में टोनही प्रताड़ना के सामाजिक व सांस्कृतिक कारणों की चर्चा करते हुए कहा कि लोग अपने फायदे के लिए किसी महिला को टोनही घोषित कर देते हैं। उन्होंने हाल ही में हुई केस स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि मामलों में आईपीसी की अलग अलग धाराएं लगाई जा रही हैं, अधिनियम का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है।
सामाजिक सहायता देनी चाहिए: हर्षिता
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डे ने कहा कि अकेली और निराश्रित महिलाओं के साथ टोनही प्रताड़ना अधिक होती है, उन्हें सामाजिक सहायता दी जानी चाहिए।
अधिनियम की जानकारी दी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश चौहान ने सभी जिलों से आए महिला आयोग अधिकारियों को टोनही प्रताड़ना अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी दी। आयोग की सचिव किरण सिंह ने आयोग के कार्यों के बारे में बताया।