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महाप्रबंधन ने कचरे में किया घोटाला, लाखों में बचा और कागज में बताया फेंकना

5 वर्ष पहले
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रायपुर। राजधानी के औद्योगिक क्षेत्र उरला के एक फैक्ट्री में कचरा घोटाला सामने आया है। निजी कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) ने लाखों का कचरा (डस्ट) को 21 लाख 7 हजार रुपए में दूसरी कंपनी को बेच दिया और कंपनी के अकाउंट बुक में लिखा कि उसे फेंक दिया गया है। कंपनी ने जब अकाउंट बुक चेक किया तब फर्जीवाड़ा सामने आया। महाप्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देवेन्द्र नगर निवासी उद्योगपति सुभाष आर अग्रवाल ने शिकायत की है। उरला में रेफरा माइनिंग एंड पावर नाम से उनकी एक फैक्ट्री है। इसमें प्रसन्न जीत पाल 2008 से 2014 तक महाप्रबंधक थे। इसी दौरान कंपनी से निकले 2160 टन कचरे को उन्होंने फेंकना बताया। जबकि जांच में पता चला है कि उन्होंने एक कंपनी को इस कचरे को 21 लाख रुपए में बेच दिया था। कंपनी ने उन्हें चेक से भुगतान किया है। जो जब्त हुआ है। प्रसन्न जीत अभी दूसरी कंपनी में कार्यरत है। उन्होंने दो साल पहले नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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