रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में निर्माणाधीन बिल्डिंग में टाइल्स व ग्रेनाइट लगाने वाला ठेकेदार बकाया भुगतान नहीं होने पर सपरिवार धरना दे रहा है। ठेकेदार का आरोप है कि मुख्य ठेका कंपनी ने उसका छह लाख का भुगतान नहीं किया है। यह बकाया पिछले तीन महीने का है।
30 लाख का काम किया
एम्स बिल्डिंग का निर्माण बीएल कश्यप एंड संस नाम की एजेंसी कर रही है। एजेंसी ने पवन प्रजापति को टाइल्स व ग्रेनाइट लगाने का ठेका दिया था। पवन ने बताया कि उन्होंने 30 लाख रुपए का काम किया है। पिछले साल उन्होंने दिवाली तक काम किया, लेकिन एजेंसी ने छह लाख रुपए का भुगतान नहीं किया तो उसके बाद काम बंद कर दिया।
परिवार चलाना मुश्किल
प्रजापति ने बताया कि पैसा नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वे अपनी पत्नी माया व चार बच्चों के साथ एम्स परिसर में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक पैसे का भुगतान नहीं होगा, वे धरना देते रहेंगे।
धमकी देने का आरोप
पवन का आरोप है कि मुताबिक बकाया भुगतान के लिए एजेंसी के महाप्रबंधक संजय सिंह से उन्होंने कई बार मुलाकात की और अब भुगतान के बदले उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।
एजेंसी ने किया अपना बचाव
ठेकेदार ने बताया कि उन्होंने ए, ए1, बी, बी1 व सी बिल्डिंग में टाइल्स व ग्रेनाइट लगाया है। इस संबंध में एजेंसी के जीएम संजय सिंह ने कहा कि ठेकेदार ने टाइल्स तो लगाया है, लेकिन पॉलिशिंग व मोल्डिंग नहीं किया। ऐसे में वे भुगतान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि काम खत्म करवाने के लिए हम अपना मजदूर लगवा रहे हैं।