रायपुर। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागकर ने लेबर रूम व इमरजेंसी शुरू करने को कहा है। उन्होंने बैठक में इस बात पर नाराजगी जताई कि हम मरीजों के लिए जरूरी सेवाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं। हमें भी ऊपर तक जवाब देना पड़ता है।
मेलबाजी पर ज्यादा ध्यान
डायरेक्टर ने एनाटॉमी विभाग पर नाराजगी जताई कि यहां के डॉक्टर काम करने के बजाय मेल बाजी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। गौरतलब है कि एनाटॉमी विभाग के एचओडी डॉ. धनेश शर्मा ने अपने ही कलिग को थप्पड़ जड़ दिया था। यह मामला सुर्खियों में रहा था। डायरेक्टर का इशारा इसी ओर था।
डॉक्टरों ने दिया ये जवाब
एम्स के डायरेक्टर डॉ. नागरकर ने सभी विभाग के डॉक्टरों व अधिकारियों की बैठक ली। इसमें अस्पताल की सुविधाओं में विस्तार पर चर्चा की गई। उन्होंने बैठक में कहा कि हम लेबर रूम क्यों शुरू नहीं कर पा रहे हैं? इस पर कुछ डॉक्टरों ने कहा कि बेहोशी के डॉक्टरों की कमी के चलते ऐसा हो रहा है। इमरजेंसी सेवा शुरू करने पर भी यही समस्या सामने आई।
कहीं बेड खाली, कहीं पड़ जाते हैं कम
कुछ डॉक्टरों ने बैठक में कहा कि ट्रामा एंड इमरजेंसी विभाग के लिए बेड आरक्षित किया गया है, लेकिन एक भी मरीज भर्ती नहीं रहता। ऐसे में दूसरे विभाग के मरीजों के लिए बेड की कमी हो जाती है। कई बार ऑपरेशन के बाद भी मरीजों को बेड के लिए परेशानी हो जाती है।
गायनी के ओटी दूसरे विभागों को देने की मांग
डायरेक्टर ने गायनी विभाग के डॉक्टरों से कहा कि आपको एक ओटी दी गई है, ऐसे में महिलाआें की डिलीवरी क्यों नहीं हो रही है। कुछ डॉक्टरों ने गायनी विभाग को आवंटित ओटी को दूसरे विभाग को देने की मांग की। इसका गायनी विभाग की एचओडी डॉ. सरिता अग्रवाल ने विरोध किया। डायरेक्टर ने ट्रामा एंड इमरजेंसी शुरू करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल अधीक्षक डॉ. अजय दानी, डिप्टी डायरेक्टर नीरेश शर्मा, सभी एचओडी व डॉक्टर मौजूद थे।
"डायरेक्टर ने लेबर रूम व इमरजेंसी सेवा करने के निर्देश दिए हैं। हम इस ओर प्रयास भी कर रहे हैं। इंटरव्यू के बाद डाॅक्टरों की चयन सूची तैयार है। इस महीने बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। "- नीरेश शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर प्रशासन एम्स