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दोनों बहनों को जब आया होश, तो पता चला रेप हुआ है

5 वर्ष पहले
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रायपुर/भिलाई. भिलाई के नेवई में तंत्र-मंत्र के नाम पर रेप का शिकार हुईं दोनों बहनों का कहना है कि उन्हें घटना का पता तब चला जब आधे घंटे बाद होश आया। घटना गुरुवार रात की है, जिसमें एक तांत्रिक ने दोनों बहनों को खुले मैदान में नशीला पदार्थ खिलाकर रेप किया और फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश में बिलासपुर गई है।

क्या है मामला?
भिलाई के नेवई थाने में दोनों पीड़िताओं ने तांत्रिक अर्जुन सिंह ठाकुर पर रेप का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि अर्जुन ने दोनों बहनों के साथ झाड़फूंक के बहाने रेप किया। तांत्रिक उन्हें सुनसान जगह पर ले गया और चावल में नशीली चीज खिलाकर बेहोश कर दिया। दोनों बहनों को जब आधे घंटे बाद होश आया तो घटना का पता चला। मामले की रिपोर्ट लिखे जाने तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए उसके गांव गईं जहां पर वह नहीं मिला तो सूचना पर बिलासपुर के लिए रवाना हो गईं।

फैमिली में आना-जाना था
तांत्रिक अर्जुन सिंह ठाकुर का पीड़ित परिवार के घर उठना-बैठना था। वह दिनभर उन्हीं के घर रहता और गप्पें मारा करता था। उसने पहले दोनों बहनों मीना और सीमा ( परिवर्तित नाम) के मां बाप का विश्वास जीता। समय-समय पर उनका कोई काम भी कर दिया करता था। गुरुवार रात करीब साढ़े सात बजे अर्जुन पीड़ित परिवार के घर आया। उसने युवतियों के बाप से कहा कि उसे कुछ तांत्रिक क्रिया करनी है, इसलिए वह दोनों बहनों को ले जा रहा है। वह दोनों बहनों को पास के ही सुनसान जगह पर ले गया।

पहले भी किया है गलत काम
दोनों बहनें देर रात घर पहुंचीं और परिजनों को घटना की जानकारी दी। वहीं घटना की जानकारी जब और लोगों को हुई तो दबी जुबान कई लोगों ने कहा कि यह बड़ा कुकर्मी था। पहले भी इसने कई महिलाओं की अस्मत लूटी है।

नेवई में तंत्र-मंत्र की दूसरी बड़ी घटना
तंत्र मंत्र के नाम पर नेवई से जुड़ी यह दूसरी बड़ी घटना है। पहली घटना पांच साल पहले की है जिसमें तांत्रिक ईश्वरी यादव ने दो बच्चे की बलि दी थी। उसने जब दूसरे बच्चे चिराग (10) की बलि 10 नवंबर 2010 को दी और इसका खुलासा हुआ तब ये भी पता चला कि तीन माह पहले उसने सात साल की बच्ची मनीषा की भी बलि दी थी। ईश्वरी पहले नेवई में ही रहता था। उसे उसके तांत्रिक गतिविधियों के कारण लोगों ने वहां से भगा दिया था। वह रूआंबाधा में बस गया और वहां भी तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं। जहां उसने नरबलि को अंजाम दिया। इस मामले में ईश्वरी, उसकी पत्नी किरण यादव सहित पांच अन्य लोगों को फांसी की सजा मिली।