सुहेला थाना में कैदी की मौत के मामले में सीबीआई ने पेश की क्लोजर रिपोर्ट
रायपुर।
थाने में ओढ़ने के लिए मिले कंबल को फाड़कर रस्सी बना फांसी का फंदा लगाकर कैदी द्वारा आत्महत्या करने के १२ साल पुराने मामले में सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट को स्वीकार करने या नहीं करने के संबंध में सुनवाई के लिए कोर्ट ने ३० मार्च की तारीख दी है।
१२-१३ अगस्त की दरम्यानी रात सुहेला थाना में पूछताछ के लिए लाए गए कैदी रामकुमार ध्रुव ने वहां मिले कंबल की रस्सी बनाकर थाने के शौचालय में फांसी पर लटक गया था। जांच के दौरान उसके शरीर में १६ स्थानों पर चोट के निशान मिले थे। इस दौरान वह सिर्फ अंडर वियर ही पहना था। इस पर ग्रामीणों ने थाने में हंगामा कर दिया था। उन्होंने सुहेला थाना के प्रभारी समेत रात में ड्यूटी पर रहे स्टाफ के सारे सदस्यों पर युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। हंगामा के बाद मामले की अलग से जांच के लिए समिति बनाई गई। इसमें आत्महत्या करना बताया गया था, जिसे ग्रामीणों ने मृतक के शरीर में मिले चोट के निशान के आधार पर मानने से इनकार करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। ४० लोगों के बयान, पोस्ट मार्टम करने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट और करीब दर्जनभर ग्रामीणों से बातें करने के बाद भी सीबीआई को मामले का कोई भी आरोपी नहीं मिला। इसी वजह से पिछले दिनों इसकी क्लोजर रिपोर्ट सीबीआई की विशेष अदालत में पेश की गई है।