रायपुर। सीआरपीएफ, गरियाबंद पुलिस और नुआपाड़ा (ओडिशा) पुलिस की जॉइंट टीम ने मैनपुर इलाके के नगरनार के जंगलों में नक्सलियों के हथियार का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। खुलासा करते हुए आईजी जीपी सिंह ने बताया कि बस्तर में सुरक्षाबल के बढ़ते दवाब के चलते नक्सली नुआपाड़ा - गरियाबंद बॉर्डर पर कॉरिडोर बनाने की तैयारी में थे, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया है।
ये सामान हुए बरामद
303 बोर की 2 राइफल, 3 भरमार बंदूक, 1 पिस्टल, 1 कट्टा, 16 डेटोनेटर, 1 वॉकी-टॉकी, 12 कारतूस, एक जिलेटिन, एक बंडल फ्यूज वायर, एक माइक्रोमैक्स का मोबाइल, 4 टिफिन बम, नक्सली साहित्य और डायरी। आईजी ने बताया कि मौके से बम ऑपरेट करने में उपयोग होने वाले तीन रिमोट भी बरामद हुए हैं।
गड्ढे में डंप किए थे हथियार
आईजी जीपी सिंह ने बताया कि अपने हथियारों को पुलिस से बचाने के लिए नक्सली जंगल में गड्ढा खोद कर उसमें हथियार रख उसे पाट देते हैं और पहचान के लिए आसपास के किसी पेड़ में निशान बना देते हैं। कुछ समय बाद इन गड्ढों के ऊपर घास उग आती है जिससे किसी को वहां हथियार होने का पता नहीं चलता।
पहली बार बरामद हुआ रिमोट
अभी तक पुलिस को अनुमान था कि बड़ी घटनाओं में ब्लास्ट के लिए नक्सली रिमोट का उपयोग करते हैं लेकिन अभी तक पुलिस का हाथ नक्सलियों का रिमोट नहीं लगा था। यह पहली बार है कि पुलिस को 3 रिमोट कंट्रोल बरामद हुए हैं।
मिलिट्री दलम का है हथियार
आईजी जीपी सिंह ने बताया कि नक्सलियों के मिलिट्री दलम के सदस्यों के पास ही इतनी मात्रा में इस तरह के हथियार रहते हैं। इसलिए हथियार मिलिट्री दलम का ही है, हथियार कहां डंप किए जाने हैं इसकी जानकारी कमांडर लेवल के नक्सलियों को ही होती है। उन्होंने बताया कि हथियार डंप करने में नक्सलियों के किस कमांडर का हाथ है इसकी जांच कराई जाएगी। ब्रीफिंग में सीआरपीएफ के अधिकारी, गरियाबंद एसपी और नुआपाड़ा एसपी भी मौजूद रहे।
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सभी फोटो: भूपेश केशरवानी