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मानव तस्करी पर सरकार 9 साल से हाथ पर हाथ धरे बैठी

9 वर्ष पहले
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रायपुर, 20 फरवरी। नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे ने बुधवार को विधानसभा में मानव तस्करी का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 सालों से सरकार ने मानव तस्कर रोकने कुछ नहीं किया। जबकि कमजोर तबके की अबोध बालिकाओं को बाहर ले जाकर उनका शोषण किया जा रहा है।


प्रश्नकाल में श्री चौबे ने गृहमंत्री ननकीराम कंवर को घेरा। उनके प्रश्न के जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि 2009 से जनवरी 2013 तक मानव तस्करी के 101 केस दर्ज किए हैं। इनमें जशपुर में 74, सरगुजा में 14, रायगढ़ व कोरबा में 2-2, तथा रायपुर, भाटापारा-बलौदाबाजार, बालोद, कांकेर, सुकमा, बस्तर, कोरिया व सूरजपुर जिलों में एक-एक केस दर्ज किया गया है। चौबे ने कहा कि पूर्व में भी मानव तस्करी के आंकड़े सदन में पेश कर चुके हैं जिसमें 3500 बच्चियों के नाम थे।
प्रलोभन देकर बालिकाओं को ले जाया जाता है। ये केवल प्लेसमेंट के प्रकरण नहीं है। इनके मिडिलमैन कौन हैं? सरकार ने उन पर क्या कार्रवाई की है। इसे रोकने क्या मैकेनिज्म बनाया गया है?

मंत्री ने बताया कि सरकार ने तस्करी रोधक इकाई और सेल बनाया है। लोगों को ट्रेनिंग दी है। ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता फैलाई जा रही है। मानव तस्करी के मामलों में जशपुर में 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 9 मामलों में चालान पेश हुआ और 21 प्रकरण विचाराधीन हैं। सरगुजा के 14 में से दो प्रकरणों में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। बाकी फरार हैं। लगातार ऐसा होना चिंता का विषय है. इसके कारणों को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं।