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बड़े अफसरों से ऐसे संबंध हैं, लगवा दूंगी नौकरी

9 वर्ष पहले
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रायपुरत्नडीडीनगर, रोहिणीपुरम की बुजुर्ग महिला ने अपने पति को डीएसपी बताकर तीन बेरोजगारों से 11 लाख की ठगी कर ली। उसने कहा कि उसके पति मंत्रालय में पदस्थ हैं। आला अफसरों से उनकी सेटिंग है। उसने अपने पति को इतना रसूखदार बताया कि सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले उसके झांसे में आ गए।

डीडीनगर पुलिस ने आशावान एंड्रयूज की रिपोर्ट पर 60 साल की ठग महिला भूरी देवी यादव के खिलाफ चारसौबीस का अपराध दर्ज किया है। आशावान से भूरी देवी ने एक लाख लिए हैं। दो अन्य बेरोजगारों से उसने पांच-पांच लाख ले लिए। पुलिस ने बताया कि आशावान अपने बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने की इच्छा रखता था। उसकी मुलाकात भूरी देवी से हुई। उसने बताया कि उसके पति मंत्रालय में डीएसपी हैं। उनका बड़े अफसरों से ऐसा संबंध है कि वे किसी को भी नौकरी लगा सकते हैं।
आशावान झांसे में आ गया। उसने बेटे अनमोल को मंत्रालय के स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर की नौकरी दिलवाने का सौदा किया। महिला ने पिछले साल फरवरी में आशावान से तीन किश्तों में एक लाख दिए। करीब एक साल तक वह नौकरी का इंतजार करता रहा। उसे जब आशंका हुई तब उसने अपने पैसे मांगे। ठग महिला ने उसे पैसे तो नहीं लौटाए, लेकिन पोस्ट निकलने पर नौकरी लगवाने की बात कहकर टालने की कोशिश करने लगी। आशावान हर दो-तीन की आड़ में मंत्रालय जाकर पोस्ट निकलने की जानकारी लेने लगा। इस दौरान उसे अशोक मसीह और पवन साहू मिले। उनसे आशावान को महिला की हकीकत मालूम हुई। दोनों ने बताया कि वे पांच-पांच लाख देकर भटक रहे हैं।
उनकी बातें सुनने के बाद आशावान को यकीन हो गया कि महिला उसके साथ छल कर रही है।

मंत्रालय में नौकरी के नाम पर चल रहा रैकेट:

मंत्रालय में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वालों का रैकेट चलने के संकेत हैं। पिछले साल अगस्त में दो बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। विशेष अनुसंधान सेल ने इसकी जांच की और एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया। अभी यह पता चल रहा है कि मंत्रालय नई राजधानी में शिफ्ट होने के बाद एक रैकेट और सक्रिय हो गया है। वह छोटे स्तर पर इश्तेहार निकालकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा है। उसकी पड़ताल की जा रही है। ठगी के रैकेट में ऐसे दलाल भी शामिल हैं, जो लोगों के छोटे-मोटे काम के लिए कमीशन लेकर मंत्रालय में उनके काम करवाते हैं।