पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नक्सलियों ने उड़ाई पुलिस की गाड़ी

नक्सलियों ने उड़ाई पुलिस की गाड़ी

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भास्कर न्यूज । दंतेवाड़ा
गीदम ब्लॉक के घोटपाल में भरने वाले मेले की सुरक्षा ड्यूटी से लौट रहे बारसूर टीआई की वाहन को बुधवार की सुबह ७.२० बजे लैंडमाइन ब्लास्ट से उड़ाने की कोशिश की। वाहन पूरी तरह विस्फोट की जद में नहीं आने से टीआई मनीष परिहार समेत 3 अन्य लोग बाल-बाल बच गए।
टीआई परिहार, ड्राइवर योगेंद्र सोनी और डीएफ के आरक्षक कृष्णकुमार यादव को हल्की चोटें आई हैंं।। वाहन में सवार सहायक आरक्षक विष्णु नाग सकुशल रहा। वारदात की जानकारी मिलते ही मेला स्थल पर तैनात जवानों ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, लेकिन तब तक हमलावर भाग निकले। विस्फोट की खबर पाकर दंतेवाड़ा एसपी नरेंद्र खरे और सीआरपीएफ के कमांडेंट एम दिनाकरण भी अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया।
मजबूत सूचनातंत्र
गीदम-बारसूर मार्ग से करीब ७ किमी की दूरी पर मंगलवार को घोटपाल का मेला भरा। मेले में सुरक्षा इंतजाम के लिए सीआरपीएफ १९५ वीं बटालियन की एक कंपनी और जिला पुलिस बल समेत करीब ३०० अफसर व जवान तैनात किए गए थे। सुबह से रात तक सऱक्षा देने के बाद बुधवार की सुबह सीआरपीएफ के जवान रोड ओपनिंग करते निकल गए। कुछ देर बाद बारसूर टीआई परिहार निजी बोलेरो में ड्राइवर और दो अन्य जवानों के साथ रवाना हुए। मेला स्थल से करीब १ किमी दूर ठोठापारा के नजदीक मोड़ पर उनकी गाड़ी को नक्सलियों ने विस्फोट से उड़ा दिया, जबकि गाड़ी के ठीक सामने व्यापारियों से भरी पिकअप और पीछे भी सवारी लेकर टैक्सियां चल रही थीं। स्थानीय ग्रामीण पैदल लौट रहे थे। ऐसे में निजी गाड़ी में सवार पुलिस कर्मियों पर सटीक निशाना साधकर नक्सलियों ने एक बार फिर अपने मजबूत सूचनातंत्र का एहसास करा दिया।
३० किलो बारूद का इस्तेमाल
एसपी नरेंद्र खरे के मुताबिक ब्लास्ट में लगभग ३० किलो बारूद का इस्तेमाल करने का अनुमान है। विस्फोट स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी तक हमलावरों ने जमीन के नीचे से तार बिछाकर रखा था। पेड़ की आड़ में छिपे माओवादियों ने मौका देखकर ट्रिगर किया, लेकिन टाइमिंग में चूक के चलते पुलिस को नुकसान नहीं हुआ। सड़क निर्माण से पहले गाड़े गए विस्फोटक से ट्रिगर पाइंट तक दुगुनी लंबाई का तार हमलावरों ने सर्पाकार नाले के किनारे तक बिछाया था।
विख्यात है मेला
घोटपाल में भरने वाला मेला विख्यात है। उसेंडी देव के मंदिर में २५ गांवों से देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाता है, मेला में शामिल होने दूर-दराज के गावों से ग्रामीण पहुंचते हैं। लोक नृत्य का सिलसिला रात भर जारी रहता है।