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20 दिन के कपड़े भी नहीं ले जा सकेंगे फ्लाइट में
रायपुर। अगर आप 20-25 दिन के टूर पर कहीं जा रहे हैं, तो आप अपने कपड़े फ्लाइट से नहीं ले जा सकेंगे और अगर ले जाएंगे, तो शायद कपड़ों की कीमत के बराबर शुल्क आपको एयर लाइंस को चुकानी होगी, वह भी बढ़े हुए रेट पर। एयर इंडिया और जेट के नए नियमों के मुताबिक 15 मई से इकोनॉमी क्लास में 15 किलो से ज्यादा वजन नहीं ले जा सकते।
अब तक 20 किलो लगेज ले जाने की इजाजत देने वाली एयर कंपनियों ने अब सिर्फ 15 किलो वजन का लगेज ही ले जाने देगी। इतना ही नहीं अतिरिक्त वजन पर पहले जहां 170 रुपए किलो के हिसाब से शुल्क लगता था, वहीं अब हर एक्सट्रा केजी पर आपको 250 रुपए देने होंगे।
हालांकि सात किलो का हैंड बैगेज ले जाने के नियम में कोई बदलाव नहीं आया है। बिजनेस क्लास में सफर करने वाले लोगों के लिए हैंड बैगेज की लिमिट सात किलो ही है, लेकिन वे अपने साथ 30 किलो तक का वजन कैरी कर सकते हैं। रायपुर से उड़ान भरने वाली जेट और एयर इंडिया के इस फैसले से यहां के पैसेंजर पर खासा प्रभाव पड़ेगा। यहां से उड़ान भरने वाली तीसरी एयर लाइंस इंडिगो की फ्लाइट में सीट के रेट्स बढ़ गए हैं।
एयर लाइन्स के इस फैसले का असर बिजनेस टूर या मीटिंग में जाने वाले पैसेंजर पर नहीं पड़ेगा। लेकिन टूर और लंबी यात्रा पर जाने वाले पैसेंजर्स के लिए अब हवाई सफर काफी महंगा होगा। बैग, सूटकेस में अगर 20 दिन के कपड़े और एसेसरी रखी जाए, तो उनका वजन भी 15 किलो से ज्यादा होगा। दूसरे शहर में रहने वाले रिश्तेदारों के लिए जरूरत का सामान लेकर जाना तो और भी महंगा पड़ेगा।
मनपसंद सीट चाहिए तो एक्सट्रा पैसे दो
इंडिगो की फ्लाइट से सफर करने वाले पैसेंजर अब अगर मनपसंद सीट में सफर करने के लिए भी एक्सट्रा पैसे देने होगे। इमरजेंसी के विंडो के पास पहली, दूसरी, बारहवीं और तेरहवीं लाइन की सीट पर बैठने के लिए घरेलू उड़ान में 500 रुपए अधिक देने होंगें। विंडो सीट के लिए इंडिगो अब यात्रियों से दो सौ एक्सट्रा एक्स्ट्रा वसूल रही है। मिड सीट की बुकिंग सौ रूपए एक्स्ट्रा लेकर की जा रही है। इंटरनेशनल फ्लाइट में इन सीटों की बुकिंग के और अधिक पैसे खर्च करने होंगे।
यात्रियों को होगी परेशानी
शैलेंद्र नगर निवासी ललिता जैन का कहना है कि बेटा मुंबई में रहकर पढ़ रहा है। मैं हर तीन महीने में उसकी जरूरत का सामान लेकर फ्लाइट से उसके पास जाती हूं। वजन कम और दाम ज्यादा अब फ्लाइट का सफर काफी महंगा पड़ेगा।
टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष कीर्ति व्यास का कहना है कि एयर लाइन्स सिर्फ बिजनेस क्लास के बारे में सोच रही है। टूरिस्ट पैसेंजर की ओर उनका फोकस नहीं है। इससे टूरिज्म को नुकसान होगा।