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डाउनलोड करेंब्रजेश पांडेय। बालोद
मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह जिले में विकास यात्रा में आए हुए थे। गुंडरदेही से वे जैसे ही बालोद के लिए रवाना हुए भास्कर प्रतिनिधि सिकोसा में 11.30 बजे उनके रथ में बैठ गए। अंदर मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव सुनिल कुमार बैठे थे। रथ के ऊपर खड़े होकर सीएम लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। तब तक रामविचार नेताम ने विकास यात्रा में मिल रहे रिस्पांस की जानकारी दी।
11.40 बजे मुख्यमंत्री नीचे आए। सीएम ने बताया कि उन्होंने प्रदेश में इतना विकास किया है। जितना कांग्रेस ने 70 सालों में नहीं किया। इस विकास यात्रा में लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। तभी भास्कर ने पूछा- इस भीड़ को आप क्या मानते हैं। क्या उनके भावों को आपने पढ़ा है। सीएम ने कहा इस भीषण गर्मी में भीड़ से लगता है लोग विकास कार्यों से संतुष्ट हैं। वे अब ज्यादा कुछ मांगते भी नहीं है। पहले जब मैं जाता था, उस समय मांगों की लंबी सूची रहती थी, अब छोटी हो गई। बातचीत के साथ ही वे जनता का खिड़की से हाथ हिलाकर अभिवादन करते जा रहे थे। लोगों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा दोपहर में इतनी गर्मी में लोग इंतजार करते खड़े हैं। सरकार के कामों से ये संतुष्ट है, इसलिए ही तो वे यहां आए हैं। प्रतिनिधि ने सवाल किया कि आपने बहुत बड़ा रिस्क लिया है। घोर नक्सली दंतेवाड़ा में आप तो गए ही। साथ में पत्नी, बेटे व बहू को भी ले गए। उन्होंने कहा-घ्कोई रिस्क नहीं है। मैं डरता नहीं हूं। हाथ की लकीरों की ओर इशारा करते हुए कहा-घ् जिस दिन मौत लिखी होगी उस दिन हो जाएगी। वैसे भी जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर मेरा प्रिय क्षेत्र है। मुझे वहां काफी अच्छा लगता है। बहुत सुकून मिलता है वहां। तभी पैरी आया यात्रा प्रभारी संतोष पांडेय ने कहा सर भीड़ है। ऊपर चढ़ेंगे क्या। वे फिर रथ के ऊपर चढ़ कर लोगों को संबोधित करने लगे।
थोड़ी देर बाद वे नीचे आए। मैने पूछा रोज-रोज भाषण--वहीं सुबह उठना। सारे लोग आपके पास समस्या लेकर आते है। वहीं भाषण बार-बार हर जगह देना। आप बोर नहीं हो जाते हैं? उन्होंने कहा अब क्या करोगे यह तो करना ही है। मेरे साथ सबसे बड़ी समस्या है कि मुझे 12 घंटे तक चेहरे में मुस्कान रखना है। मेरा मुस्कुराता चेहरा ही लोगों को पसंद है। कैसे करते है, ये आप--। क्या करोगे करना ही है। आप कितने घंटे सोते है। छै से सात घंटे। अभी विकास यात्रा में तो मैं जल्दी सो जाता हूं। रायपुर में रहता हूं तो कई बार कम सो पाता हूं। टीवी चल रही थी। रेल मंत्री पवन बंसल के बारे में कुछ खबर आ रही थी। मैने पूछा इनका इस्तीफा होना चाहिए। उन्होंने कहा ये यदि भाजपा के होते तो कब का इस्तीफा दे दिए होते। हमारे यहां आडवानी जी पर आरोप लगा था उस समय उन्होंने तत्काल इस्तीफा दे दिया था।
यह भाजपा की संस्कृति है। जिले में प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे है। आफिस में अफसर नहीं मिलते। पूछो तो कहते है, कलेक्टोरेट मीटिंग में गए हुए हैं। आम जनता आफिस के चक्कर लगाकर परेशान हो रही है? गुरूर में लंबे समय से तहसीलदार ही नहीं थे। यही हाल कई स्थानों का है। उन्होंने कहा अभी कुछ दिनो में ही पीएससी की भर्ती हो जाएगी तो पद भर जाएंगे। मुख्य सचिव की ओर मुखातिब होते हुए गुरूर में पहले वाला तहसीलदार ठीक था। हमने उसे हटा दिया था। फिर से वापस लाने लायक है वह। जिला बनने से जमीन के दाम बढ़ गए। आपके ही भाजपा नेता कहते हैं, पहले बता देते तो कुछ जमीन जिला बनने के पहले ले लेते।
सीएम ने का मैने नया रायपुर के लिए चार स्थानों का चयन किया। लेकिन बनाया पांचवे स्थान में। यदि वहां भी पहले बता देता तो लोग भीड़ जाते जमीन लेने। बीच में लाटाबोड़ में वे फिर एक बार लोगो को संबोधित करने ऊपर चढ़े। नीचे उतरने के बाद बताया विकास यात्रा का गाना रवींद जैन ने बड़े ही मन से गाया है। मैने पूछा इस बार और जिले बनेंगे। सीएम ने कहा नहीं अब कुछ और करने से और कांघ्लीकेटेड हो जाएगा। इस लिए इसे छेडऩा ठीक नहीं है। और जिले अब बनाना ठीक नहीं होगा। तभी विरेंद्र साहू ने एक कार्यकत्र्ता को अंदर लाया। बाद में उसे ऊपर भेज दिया। सीएम ने कहा एक छोटा सा कार्यकत्र्ता है। नाराज था। मैने उसे अंदर बुलाओ, रथ के ऊपर भेज दिया, वो खुश हो गया। बस
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