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डाउनलोड करेंरायपुर। ग्लोबल और घरेलू बाजार में मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति छत्तीसगढ़ में मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे महानगरों की तुलना में काफी अच्छी है। कई महानगरों में बिल्डरर्स ने बढ़ी लागत मूल्य और बिक्री न होने की वजह से प्रॉपर्टी के दामों में 8-10 फीसदी तक कम करने पड़े हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान दोनों की कीमतों में कमी नहीं आई है, लेकिन पिछले सालों के मुकाबले ग्रोथ रेट कम रहा है। क्रेडाई अध्यक्ष आनंद सिंघानिया के कहना है कि मंदी के बावजूद प्रदेश में रियल कारोबार के रफ्तार बनी हुई है। पिछले कुछ सालों से रिक्वायरमेंट मार्केट नहीं है। बाजार में रिजनेबल डिमांड है। निवेशकों का रुझान में भी कमी देखी गई है। सभी चीजों को दाम बढऩे से प्रॉपर्टी का इनपुट कॉस्ट बढ़ा है और मार्जिन कम हुआ है। कस्टमर फाइनेंशियल से लेकर लोकेशन और आवश्यक चीजें (जैसे अस्पताल, स्कूल, टैक्सी स्टैंड आदि) को खरीदी में प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्तमान में ग्राहकों के खरीदी पैरामीटर पहले की तुलना में अधिक हो गए हैं। प्रदेश में इंडस्ट्री स्लोडाउन की वजह से निवेश पर असर पड़ा है। बाजार की पॉजिटिविटी गिरी है, लेकिन जल्दी ही इसमें सुधार देखने को मिलेगा।
खरीदी से पहले यह जरूरी देखें
लीगल कागजों से अलावा जिस बिल्डर्स से आप प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। विगत पांच साल का उसका मार्केट रिकॉर्ड जरूर जांच लेना चाहिए। उसने कितने प्रोजेक्ट किए हैं और उनका मार्केट में क्या स्थिति है? कितनी डिलेवरी दी हैं? हो सके तो पुराने ग्राहकों से बातचीत भी कर सकते हैं।
एसएच-जेड से मिलेंगे अफोर्डेबल हाउस
स्पेशल इकॉनोमिक जोन (एसईजेड) की तर्ज पर यदि प्रदेश सरकार राज्य में स्पेशल हाउसिंग जोन (एसएच-जेड) स्कीम लागू करती है, तो यह देश में अपनी तरह की पहली हाउसिंग स्कीम होगी। इसमें बनने वाले अफोर्डेबल हाउस और फ्लैट की कीमत वर्तमान से करीब 35 फीसदी तक कम रहेगी।
क्या होगा एसएच-जेड
स्पेशल हाउसिंग जोन अफोर्डेबल हाउस का प्रोजेक्ट होगा। इसमें कम से कम 500 एकड़ जमीन पर स्वतंत्र हाउस और फ्लैट बनाए जाएंगे। इतनी जगह में औसतन 15000 हजार रेजिडेंस होंगे। स्वतंत्र मकान का बिल्डअप एरिया 1000 वर्ग फुट से अधिक का नहीं होगा। 25 फीसदी फ्लैट 3 बीएच के होंगे और बाकी 2बीच के बनाए जाएंगे। चूंकि इसमें इस तरह का प्रोजेक्ट लाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों को सरकार कई तरह की रियायत देगी तो मकान व फ्लैट 35 फीसदी सस्ते मिलेंगे। मसलन अभी एक फ्लैट की कीमत तकरीबन 25 लाख है। यह एसएच-जेड में करीब सवा 16 लाख का मिलेगा। इसी तरह 40 लाख तक वाला स्वतंत्र हाउस 26 लाख का मिलेगा।
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