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डाउनलोड करेंरायपुर। एमबीबीएस व बीडीएस के स्टेट कोटे की 719 सीटें 1799 स्टूडेंट्स के बीच बांटी जाएगी। सीटों का आवंटन मेरिट व आरक्षण नियमों के अनुसार होगा। गुुरुवार को अलॉटमेंट साइकिलिंग शुरू हो गई है। कंप्यूटर ही बताएगा कि किन-किन छात्रों को एमबीबीएस व बीडीएस की सीटें दी जानी है। कंप्यूटर से निकली सूची को मैन्यूअल चेक भी किया जाएगा। ताकि त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
बुधवार तक ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन था। इस दिन तक 1882 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन 1799 स्टूडेंट्स ने पसंद की सीटें व कॉलेज च्वाइस किया। यानी एमबीबीएस व बीडीएस की सीटों का आवंटन इन्हीं स्टूडेंट्स को किया जाएगा। 26 जुलाई को प्रोविजनल सूची डीएमई की वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। औसत निकाला जाए तो एक सीट के लिए ढाई स्टूडेंट्स के बीच मुकाबला है। ज्यादा कंपीटिशन एमबीबीएस के लिए है। निजी डेंटल कॉलेजों में तो स्टेट कोटे की सीट भी नहीं भरती। यहां डेंटल कॉलेज संचालकों को मैनेजमेंट कोटे से ही काम चलाना पड़ता है। दरअसल निजी डेंटल कॉलेजों की फीस अधिक होने के कारण स्टूडेंट्स सरकारी कोटे से भी एडमिशन नहीं लेते। पिछले चार सालों का ट्रेंड तो यही रहा है। प्रदेश के चार सरकारी व एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 550 सीटें हैं। वहीं एक सरकारी व पांच निजी डेंटल कॉलेजों में बीडीएस की 600 सीटें हैं।
एमबीबीएस की सीटें इस तरह
स्टेट कोटा- 387, रायपुर- 124, बिलासपुर- 82, जगदलपुर- 77, रायगढ़- 41 व दुर्ग-63।
आल इंडिया कोटा- 60
सेंट्रल गवर्नमेंट कोटा- 11
एनआरआई कोटा- 23
मैनेजमेंट कोटा- 64
एनएमडीसी कोटा- 05
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