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छोटे सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर खाद्य विभाग का छापा

8 वर्ष पहले
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रायपुर. एक, दो और पांच किलो वाले सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर खाद्य विभाग सख्त हो गया है। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग की टीम ने शहर की एक दर्जन से ज्यादा दुकानों पर छापा मारकर 15 से ज्यादा छोटे सिलेंडर जब्त किए। ऐसे सिलेंडर शहर में बड़ी संख्या में बेचे जा रहे हैं, लेकिन छापे की सूचना मिलते ही दुकानदारों ने सिलेंडर गायब करवा दिए।

इन सिलेंडरों पर किसी भी कंपनी की मुहर और सील नहीं थी। सहायक जिला खाद्य अधिकारी कुशल राठौर ने बताया कि सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया है। इस तरह की कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। किसी भी परिस्थिति में अवध पांच किलो वाले घरेलू सिलेंडर बाजार में बिकने नहीं दिए जाएंगे।

नौ सिलेंडरों के बाद खत्म हुई सबसिडी ने लोगों की जेब तो काटी ही है, शहर में छोटे सिलेंडरों के अवैध धंधे को भी बुरी तरह बढ़ा दिया है। नियमों और सुरक्षा, दोनों को दरकिनार करनेवाले छोटे गैस सिलेंडर राजधानी में खुलेआम बिकने लगे हैं। एक और दो किलो वाले सिलेंडरों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इन्हें बाजार में सजाकर बेचा जा रहा है। पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी, दोनों सिर्फ गैस एजेंसियों से ही हो सकती है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि ये सिलेंडर भी शहर की दो दर्जन से ज्यादा छोटी-मोटी दुकानों में खुलेआम बिक रहे हैं। राजधानी में गोलबाजार, नयापारा, पेठा लाइन के पीछे और सदरबाजार की दो दर्जन से ज्यादा छोटी-मोटी दुकानों, खासकर बर्तन दुकानों में छोटे लाल या रंगीन सिलेंडर खुलेआम बिक रहे हैं। इन दुकानों से छोटे सिलेंडर लेने का सिस्टम भी अलग है। कोई भी व्यक्ति 5 किलो वाला खाली सिलेंडर इन दुकानों में लेकर वहां से भरा सिलेंडर ले सकता है। न कार्ड की जरूरत है, और न ही किसी कंपनी की रसीद दी जाती है। कीमत भी दोगुनी है। अर्थात, 5 किलो वाला सिलेंडर एजेंसियों में 152 रुपए का पड़ता है, लेकिन कई दुकानदार इसके तीन-तीन सौ रुपए वसूल रहे हैं।

गिनती की है छोटे सिलेंडरों की सप्लाई

शहर की तीनों पेट्रोलियम कंपनियों ने अपनी एजेंसियों को गिनती के छोटे सिलेंडर जारी किए हैं। बीपीसीएल, एचपी और इंडियन ऑइल की सभी 22 एजेंसियों में पांच किलो वाले लगभग दो हजार सिलेंडर दर्ज हैं। शहर में यह संख्या 500 भी नहीं है। इसके बावजूद, कारोबारियों का कहना है कि राजधानी में रोजाना 3 से साढ़े 3 हजार छोटे सिलेंडर बिक रहे हैं। सारा कारोबार सामने है, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही हैं।

किसी के पास रिकार्ड नहीं


शहर में एक और दो किलो वाले कितने गैस सिलेंडर हैं, इसका रिकार्ड गैस कंपनियों और खाद्य विभाग के पास नहीं है। खाद्य विभाग के अफसरों को यह भी पता नहीं है कि शहर में पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की अधिकृत सप्लाई कितनी है? विभाग और कंपनियों के अफसरों का पूरा ध्यान घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री पर ही है। इसलिए छोटे सिलेंडरों का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

ये कहता है नियम


भास्कर ने नियमों की पड़ताल की तो पता चला कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने 1 और 2 किलो वजन के सिलेंडर पूरी तरह प्रतिबंधित कर रखे हैं। 5 किलो वाले सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी भी केवल गैस कंपनियों की अधिकृत एजेंसियां ही कर सकती हैं। हर एजेंसी में छोटे सिलेंडरों का कोटा है। जिस प्रक्रिया से बड़े सिलेंडर मिलते हैं, कार्ड वगैरह में एंट्री कराकर उसी प्रक्रिया से छोटे सिलेंडर लिए जा सकते हैं।