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डाउनलोड करेंरायपुर। रायपुर। लगता है कि एम्स भी आंबेडकर अस्पताल की राह पर चल पड़ा है। सुबह 7 बजे से लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों का इलाज के लिए नंबर ही नहीं आता। गुरुवार को दो ऐसा ही केस सामने आया। परेशान मरीज के परिजन इलाज कराने के बजाय ओपीडी कार्ड फाड़कर घर चले गए।
हीरापुर निवासी 40 वर्षीय सुख बाई को बच्चेदानी में कुछ समस्या है। वह सुबह 7 बजे से एम्स पहुंच गई थी। कार्ड भी जमा कर दिया था। जब 11.30 बजे तक माइक में उनका नाम नहीं पुकारा गया तो उसके साथ गए मनोज ने डॉक्टर से पूछा। डॉक्टर ने बताया कि जब नाम पुकारा जाएगा, तब आ जाना। 12 बजे तक नाम नहीं पुकारा गया तो दोबारा वह डॉक्टर के पास गया और पूछने लगा कि कब तक नंबर आएगा। इस पर डॉक्टर भड़क गया। मनोज ने बताया कि उनका ओपीडी कार्ड को नीचे दबाकर रख दिया गया था। जबकि उसके बाद आने वाले मरीज इलाज करवाकर चले गए।
दर्द से परेशान महिला की भी सुध नहीं ली
एक अन्य महिला हड्डी में दर्द से परेशान थी। दर्द इतना था कि वह बैठ नहीं पा रही थी। वह ओपीडी में ही लेट गई थी। वह भी सुबह से इलाज कराने के लिए आई थी, लेकिन उसका नंबर नहीं आया। थक हारकर डॉक्टर से इलाज के लिए गुहार लगाई, तब उसे डॉक्टर ने देखा और इलाज किया।
एम्स में केवल छह माह के लिए स्टाफ नर्स की भर्ती, इंटरव्यू 29 व 30 को
एम्स में 20 बेड का अस्पताल शुरू होने के बाद प्रबंधन ऐसी-ऐसी भर्ती कर रहा है, जिस पर सवाल उठना लाजिमी है। अभी तक तक संविदा भर्ती एक साल तक के लिए की जाती रही है, लेकिन स्टाफ नर्स के ताजा विज्ञापन में केवल छह माह के लिए भर्ती की जाएगी। छह माह के लिए नर्स कहां से आएंगी, इस पर अधिकारी भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी ओर सरकारी व निजी अस्पताल की नर्स भी केवल छह माह के लिए एम्स ज्वाइन नहीं करना चाहतीं।
एम्स प्रशासन ने 100 स्टाफ नर्स ग्रेड दो के लिए आवेदन मंगाया है। यूआर 51, एससी 15, एसटी 7 व ओबीसी केटेगरी से 13 नर्सों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए 29 व 30 जनवरी को वॉक इन इंटरव्यू होगा। नर्स की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एम्स का अस्पताल शुरू होने के बाद भर्ती में आपाधापी बढ़ गई है। यही कारण है कि प्रबंधन रोज नए विज्ञापन जारी कर रहा है। छह माह के लिए ज्यादा नर्स ज्वाइन करेंगे, ऐसा नहीं लगता।
प्रतिमाह 27000 रुपए वेतन
चयनित नर्सों को प्रतिमाह 27 हजार रुपए एकमुश्त वेतन दिया जाएगा। हालांकि यह सरकारी व निजी अस्पताल में दिए जाने वाले वेतन से दो से तीन गुना है। सरकारी अस्पताल ज्वाइन करने वाली नर्सों को शुरुआत में 11 से 12 हजार रुपए वेतन मिलता है। वहीं निजी अस्पतालों में दो से लेकर 10 हजार रुपए वेतन दिया जा रहा है।
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