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डाउनलोड करेंरायपुर। 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ में गुंडाधुर की झांकी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगी। यह झांकी बनकर तैयार है, और इसने राजपथ पर परेड की रिहर्सल में हिस्सेदारी भी पूरी की। चयन प्रक्रिया के दौरान झांकी को त्रियामी डिजाइन, थीम, मॉडल, संगीत की कसौटी पर कसा गया। छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी में क्रांतिवीर गुंडाधुर के नेतृत्व में अंग्रेजों के विरूद्ध चलाये गये भूमकाल स्वतंत्रता संग्राम को प्रदर्शित किया गया है।
जनसंपर्क विभाग सचिव अमन कुमार सिंह के मुताबिक छग राज्य की झांकी को 2006 में पारंपरिक आभूषणों के लिए 2010 में कोटमसर पर आधारित झांकी को और 2013 में समृद्ध सांस्कृतिक, समृद्धता और धार्मिक सहिष्णुता पर केंद्रित सिरपुर की झांकी को पुरस्कार मिल चुके हैं। गुंडाधुर को बस्तर के भूमकाल का जन नायक माना जाता है।
गणतंत्र दिवस पर भास्कर डॉट कॉम की इस खास प्रस्तुति में आईये जानते हैं कौन है गुंडाधुर, और क्यों कांपते थे उनसे अंग्रेज।
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