रायपुर। पंडरिया की चंचल महज 10 साल की है, लेकिन उसने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्महत्या की कोशिश की। रिश्तेदारों के अनुसार सालभर पहले अपनी मां की मौत के बाद से वह सदमे की स्थिति में है। वह अंबेडकर अस्पताल की बर्न यूनिट में गंभीर हालत में भर्ती है। चंचल ४० फीसदी तक झुलस चुकी है। डॉक्टर इसे गंभीर स्थिति मानते हैं।
चंचल की रिश्तेदार चंद्रकला कश्यप ने बताया कि उसकी मां की मौत ने चंचल को तोड़कर रख दिया है। तीन दिन पहले उसने घर में ही केरोसिन डालकर आग लगा ली। गनीमत थी, उसे बचा लिया गया। कवर्धा जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंबेडकर में भर्ती किया गया है।
अनोखा मामला, भावना में बह गई होगी
अंबेडकर अस्पताल में मना रोग विभाग के एचओडी डॉ. मनोज साहू ने बताया कि यह अनोखा मामला है। सामान्यतः: 10 साल की उम्र में कोई सुसाइड नहीं करता। हो सकता है कि चंचल अपने मां से बहुत प्यार करती हो। मां की मौत के बाद उसे सदमा लगा और उसने मौत को गले लगाने को सोच लिया।
स्टाफ बुरा व्यवहार करता है
चंचल के रिश्तेदारों ने बताया कि अस्पताल का स्टाफ बुरा व्यवहार करते हैं। स्टाफ नर्स सीधे मुंह बात नहीं करते। बच्ची के दुख में गमगीन स्टाफ के व्यवहार से और टूट जाते हैं।