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ठगी की मास्टर शातिर महिला दलाल के साथ पकड़ाई, जानिए कैसे ठगती थी लाखों

7 वर्ष पहले
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( फोटो: आरोपी महिला)
रायपुर। राजधानी सहित आसपास के जिलों के बेरोजगारों को पुलिस और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाली लंबे समय से फरार शातिर महिला को एजेंट के साथ गुरुवार की शाम पकड़ा गया। वह अपने पति के पुलिस मुख्यालय में होने का धौंस दिखाती हुए लोगों को झांसा देकर उनसे लाखों रुपए ठगती थी। पैसे लेने के बाद वह मकान बदलकर-बदलकर अलग-अलग इलाके में रह रही थी।
पुलिस लंबे समय से शातिर महिला और उसके दलाल की तलाश कर रही थी। पहले पुलिस ने दलाल को पकड़ा उसके बाद उससे मिले क्लू के आधार पर महिला को गिरफ्तार किया गया।
लंबे समय से तलाश की जा रही थी
टिकरापारा एसआई राजेन्द्र कंवर ने बताया कि भूरी देवी और ज्ञानेश बख्शी की ठगी के मामले में लंबे समय से तलाश की जा रही थी। उनके ऊपर एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने अलग-अलग थाने में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने का मामला दर्ज कराया था। फिंगेश्वर के रहने वाले धीरज शर्मा सहित पांच अन्य लोगों ने 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनसे ज्ञानेश बख्शी ने पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने की बात कहते हुए भूरी देवी से सिमरन सिटी में मिलवाया था।
एसपी से कहकर नौकरी लगवा देगी
उनकी तरफ से दावा किया गया था कि भूरी देवी की पुलिस मुख्यालय में अच्छी पकड़ है। वह कुछ दिनों के अंदर ही एसपी से कहकर नौकरी लगवा देगी। इस झांसे में आकर धीरज ने अपना खेत बेचकर भूरी देवी को अपना ढाई लाख रुपए पहली किस्त के रूप में दिए। इसके बाद इसके बाद क्रमश: एक लाख बीस हजार स्टाम्प पेपर में लिखकर, एक लाख का चेक और तीन हजार रुपए नगद दिए। पैसे देने के दो-तीन महीने बीतने के बाद जब भूरी नौकरी नहीं लगवा पाई तो उससे संपर्क किया गया। वह टाल-मटोल करने लगी और पैसे लौटाने से मना करने लगी। इसके बाद वह सिमरन सिटी का मकान छोड़कर फरार हो गई।