( प्रतीकात्मक तस्वीर। )
दंतेवाड़ा. बस्तर में कई रीति रिवाज प्रचलित हैं, लेकिन यह जो रिवाज है वह महिलाओं से जुड़ा है। दंतेवाड़ा से करीब 10 किमी दूर पंडेवार में एक खेत ऐसा है जहां महिलाएं कदम भी नहीं रख सकतीं। इस गांव के लोग मानते हैं कि यदि किसी महिला की परछाई भी इस खेत पर पड़ गई तो पूरा गांव किसी भयानक संकट में फंस जाएगा।
इस खेत को देवी का खेत कहा जाता है। इस देवी को यहां बरवा डोकरी देवी कहते हैं। इस देवी के भय से ही गांव की महिलाएं इस खेत की ओर रूख नहीं करतीं। यदि बाहर की कोई महिला भूले से इस खेत में कदम रख दे तो उस पर जुर्माना लगा दिया जाता है। इसके लिए पंचायत बैठती है और जुर्माने के तौर पर मुर्गे, बकरे, सूअर अनाज और पैसे वसूले जाते हैं।
ग्रामीणों की मान्यता है कि कराट मुंडा के इस खेत पर महिला की परछाई भी पड़ गई तो दैवीय आपदा गांव पर कहर बनकर टूटेगी। ऐसा भी माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं ने यहां प्रवेश किया तो उनका गर्भ अपने आप गिर जाता है, यही कारण है कि महिलाएं इस खेत में नहीं आती हैं और इस पूरे खेत का काम पुरुषों के हवाले ही है।