रायपुर। वीआईपी रोड स्थित एक होटल में चल रहे पीडियाट्रिशियन के राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉक्टरों ने कहा कि सिकलसेल का दुनिया में कोई इलाज नहीं है। ऐसे में शादी के पहले सिकलसेल टेस्ट जरूर करवाएं।
इस सम्मेलन में देशभर के 150 डॉक्टर शामिल हुए हैं। बच्चों के संक्रामक रोग पर केंद्रित इस सम्मेलन में जरूरी सुझाव तैयार कर शासन को सौंपा जाएगा। अंबेडकर अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी डॉ. शारजा फुलझेले ने बताया कि सिकलसेल व कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है। नागपुर से आईं डॉ. प्रभा पांडेय ने कहा कि छग में सिकलसेल के ज्यादा मरीज हैं। कुछ जाति विशेष में यह बीमारी बड़ी तादाद में हैं। ऐसे में शादी के पहले या बचपन में सिकलसेल का टेस्ट करवाना अनिवार्य किया जाना चाहिए। दिल्ली के डॉ. आदित्य समर्थ ने कैंसर को बच्चों के लिए जानलेवा बताते हुए कहा कि जेनेटिक के साथ कुपोषण इसका सबसे बड़ा कारण है। सम्मेलन का समापन रविवार को होगा।