(फोटो: ठगी का शिकार भीम गादड़ी)
रायपुर। राजधानी में मंगलवार को अज्ञात लोगों ने बैंक में पैसा जमा करने आए एक व्यक्ति को बेवकूफ बनाकर उससे 30 हजार रुपए ठग लिए। शहर में लगातार दूसरे दिन ऐसा मामला सामने आया है, सोमवार को भी राजधानी के एक निजी बैंक में पैसा जमा करने आए व्यक्ति को लाखों का लालच देकर अज्ञात व्यक्तियों ने उससे 50 हजार रुपए ठग लिए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद मौदहापारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आए भीम गादड़ी (30) ने भास्कर को बताया कि वह कांकेर रोडवेज में काम करता है। आज सुबह वह जय स्तंभ चौक स्थित एसबीआई बैंक में 45 हजार रुपए जमा करने आया था। 15 हजार जमा करने के बाद वह बाकी के पैसे जमा करने के लिए फॉर्म भर रहा था तभी 25-30 साल के दो युवक आकर उसके बाजू में बैठ गए और आपस में बात करने लगे।
एक ने कहा कि उसे 80 हजार रुपए जमा करने हैं इस पर दूसरे ने कहा कि फॉर्म भरकर पैसे जमा कर लो। पहले व्यक्ति ने बताया कि उसका अकाउंट नंबर नहीं है और न ही पैसे उसके अपने हैं। उसने बताया कि वह बैंगलोर से अपने ठेकेदार के पैसे चुराकर भागा है। इस पर दूसरे ने कहा कि वह उसका अकाउंट खुलवाकर पैसे डलवा देगा लेकिन बदले में उसे 20 हजार देने होंगे। भीम की तरफ इशारा करते हुए उसने कहा कि इन भाईसाहब ने पूरी बात सुन ली है और ये भी मदद करेंगे बदले में इन्हें भी 20 हजार दे देना। भीम दोनों के झांसे में आ गया और प्लान में शामिल हो गया।
इसके बाद तीनों बाहर आ गए, जो 80 हजार जमा करने की बात कह रहा था उस युवक को बाहर रहने के लिए कहकर रुमाल में बंधी पैसों की गड्डी लेकर भीम और दूसरा युवक अंदर जाने लगे। इस पर पहले युवक ने कहा कि तुम लोग मेरे पैसे लेकर अंदर जा रहे हो लेकिन मैं कैसे भरोसा करूं कि तुम लोग भागोगे नहीं इस पर भीम ने अमानत के तौर पर अपने 30 हजार रुपए युवक को दे दिए और उससे रुमाल में बंधे 80000 रुपए ले लिए। पहला युवक बाहर ही रुक गया जबकि दूसरा भीम के साथ बैंक के अंदर जाने लगा।
अंदर जाने के बाद दूसरा युवक कुछ देर में आने की बात कहकर वहां से गायब हो गया। जब वह बहुत देर तक नहीं लौटा तो भीम ने रुमाल खोल कर देखा। रुमाल में रखी गड्डी में केवल ऊपर का नोट असली था नीचे रद्दी भरा हुआ था। भीम ने तुरंत थाने पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
आगे पढें सोमवार को भी 1 लाख बोलकर रद्दी पकडाकर भाग गए थे आरोपी