रायपुर। नया रायपुर में एम्स का दूसरा अस्पताल खोला जाएगा। यहां नया रायपुर व आसपास से आने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। यहां पैथालॉजी व अन्य जांच की भी सुविधा होगी। मंगलवार को अधिकारियों ने यूनिट दो के विस्तार पर बैठक की।
अधिकारियों के अनुसार यहां खुलने वाले अस्पताल को विकसित किया जाएगा, जिससे मरीजों को टाटीबंध स्थित मेन अस्पताल न आना पड़े। मेन अस्पताल में वे सारे विभाग के अलावा सभी सुपर स्पेश्यालिटी विभाग भी होंगे। इससे मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
राज्य शासन ने एम्स प्रशासन को नया रायपुर में कैंसर रिसर्च संस्थान खोलने के लिए 50 एकड़ जमीन आवंटित कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही इसके लिए 100 करोड़ रुपए मंजूर किया है। रिसर्च संस्थान खुलने से कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना है। यह कैंसर के मरीजों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
राज्य शासन ने सेक्टर 40 नया रायपुर में 50 एकड़ जमीन आवंटित किया है। एम्स प्रशासन ने जमीन की मांग कुछ महीने पहले ही की थी। यहां कैंसर से जुड़े सभी रिसर्च किए जाएंगे। टाटीबंध स्थित मेन अस्पताल में टिशू का कल्चर लेकर रिसर्च के लिए नया रायपुर भेजा जाएगा।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी करेगी मदद
अमेरिका की हार्वर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी की मदद से स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ खोला जाएगा। एम्स ने यूनिवर्सिटी से पहले ही अनुबंध कर चुका है। हार्वर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी विश्व के जाने-माने संस्थान है, जो दुनियाभर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जाना जाता है। यहां के डॉक्टर छत्तीसगढ़ में आकर रिसर्च करेंगे व डॉक्टरों को ट्रेनिंग देंगे। जमीन एम्स के नाम हस्तांतरण होते ही यहां निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। संस्थान को पूरी तरह तैयार होने में डेढ़ से दो साल लग सकते हैं।
जमीन की सौगात
कैंसर रिसर्च संस्थान के लिए जमीन मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। रिसर्च होने से कैंसर के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी। जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही संस्थान के लिए 100 करोड़ रुपए दे दिए हैं।
- डॉ. नितिन एम. नागरकर, डायरेक्टर एम्स