रायपुर। प्रदेश के छह डेंटल कॉलेजों में स्टेट कोटे की 339 सीटें खाली हैं, लेकिन गुरुवार को दोपहर 12 बजे से आयोजित काउंसिलिंग में कोई उम्मीदवार नहीं पहुंचा। डीएमई के अधिकारी उम्मीदवारों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों को भी उम्मीद नहीं है कि शाम तक कोई पहुंचेगा।
डेंटल कॉलेज में डीएमई के अधिकारी इंतजार में है कि कब पात्र उम्मीदवार आए और उसे तत्काल बीडीएस की सीट अलाट करें। लेकिन उनकी मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। राजधानी स्थित सरकारी डेंटल कॉलेज की 89 सीटें खाली हैं। इसमें केवल 11 सीटें भरी हैं। वहीं निजी कॉलेजों में स्टेट कोटे की 250 सीट खाली है। कुल मिलाकर 339 सीट खाली है। ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकारी डेंटल कॉलेज की सीट नहीं भर पा रही है।
जानकार डेंटल के प्रति उदासीनता को इसका सबसे बड़ा कारण बता रहे हैं। एआईपीएमटी के यूआर केटेगरी में 360 अंक व एसटी, एससी व ओबीसी केटेगरी में 288 अंक लाने वाले ही काउंसिलिंग के लिए एलिजिबल है। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुमीत त्रिपाठी ने बताया कि शाम तक उम्मीदवारों का इंतजार करेंगे।