रायपुर। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज को सत्र 2014-15 के लिए मान्यता तो मिल गई है, लेकिन अगले सत्र की मान्यता के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। यही कारण है कि विभाग आए दिन वॉक इन इंटरव्यू आयोजित कर रहा है, लेकिन डॉक्टर हैं कि डेढ़ लाख महीना पैकेज होने के बाद भी झांकने नहीं आ रहे हैं।
डीएमई कार्यालय में शुक्रवार को प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसआर, जेआर व डेमोंस्ट्रेटर के 150 से ज्यादा खाली पदों के लिए शुक्रवार को वॉक इन इंटरव्यू रखा है। डीएमई के अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि कब डॉक्टर आए और उन्हें ज्वाइनिंग करवाएं। ताकि एमसीआई से मान्यता मिलने में अासानी हो। दोपहर 2 बजे एक भी डाॅक्टर डीएमई कार्यालय नहीं पहुंचे हैं।
प्रोफेसर के 25, एसोसिएट प्रोफेसर के 22, असिस्टेंट प्रोफेसर के 32 खाली पद है। इसे नहीं भरने पर नए सत्र की मान्यता के लिए परेशानी आ सकती है। एक महीने के भीतर एमसीआई की टीम निरीक्षण के लिए आ सकती है।
अब तक 98 एडमिशन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजनांदगांव कॉलेज को १०० सीटों के लिए मान्यता दी है। ९८ स्टूडेंट ने एडमिशन भी ले लिया है। सेंट्रल पुल की दो सीट खाली है, जिसे ३० सितंबर तक हर हाल में भरा जाना है।
डॉक्टरों की भर्ती का प्रयास जारी है-डीन
राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके सिंह का कहना है कि खाली पदों पर डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। एमसीआई ने कमियां एक माह में दूर करने को कहा था। इसी शर्त पर इस सत्र के लिए एमबीबीएस की १०० सीटों को मान्यता दी गई है।
वेतन एक नजर में
पद रायपुर राजनांदगांव
प्रोफेसर ९० हजार १.५० लाख
एसो. प्रोफेसर ८० हजार १.२० लाख
असि. प्रोफेसर ५० हजार ६५ हजार