पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मुख्य परीक्षा का मामला कोर्ट में ना जाए, पीएससी ने लगाया कैविएट....

मुख्य परीक्षा का मामला कोर्ट में ना जाए, पीएससी ने लगाया कैविएट....

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2012 के मामले को लेकर पहले ही न्यायालय में कैविएट लगा दिया है। ऐसे में अब यदि कोई भी अभ्यर्थी न्यायालय में मेंस-2012 के खिलाफ याचिका लगाता है, तो उसे पहले आयोग को भी सूचना देगी होगी। साथ ही न्यायालय जाने का कारण बताना होगा।
मुख्य परीक्षा परिणाम को घोषित करने के बाद आयोग यह चाहता है कि तय तिथि पर ही साक्षात्कार को पूरा किया जा सके। आयोग ने दो दिन पहले ही मेंस के नतीजे घोषित किए हैं। रिजल्ट को लेकर कोई अभ्यर्थी न्यायालय न जाए, इसलिए ही आयोग ने कैविएट लगा दिया है।
आयोग के अफसरों ने बताया कि समय पर साक्षात्कार पूरा करने के लिए ऐसा किया गया है। कोर्ट में मामला जाने से पहले आयोग को पूरी जानकारी मिल जाएगी, ताकि वे इसकी तैयारी वह पहले से कर सके।

कम उम्मीदवारों के चयन से न्यायालय में जाने का डर
आयोग ने मेंस रिजल्ट में तय संख्या से कम उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चिह्नांकित किया है। इस वजह से आयोग को डर है कि साक्षात्कार से चूकने वाले उम्मीदवार न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। गौरतलब है कि राज्य की 22 विभिन्न सेवाओं में 303 पदों पर इंटरव्यू के जरिए भर्ती की जानी है। पीएससी का नियम है कि जितने पद रहते हैं, उनसे तीन गुना (अर्थात 908) उम्मीदवारों को इंटरव्यू में बुलाना है। लेकिन पीएससी ने सिर्फ 831 को बुलाया गया है, अर्थात 78 लोग कम हैं। आयोग का तर्क है कि आरक्षित वर्ग में योग्य अभ्यर्थियों के नहीं होने के कारण ऐसा करना पड़ा। उधर, उम्मीदवारों का तर्क है कि आयोग के नोटिफिकेशन में इस बात का उल्लेख ही नहीं है कि कौन योग्य है। इसी तथ्य के आधार पर अभ्यर्थी कोर्ट जा सकते हैं।

तिथि बढ़ाने का भी दबाव
पीएससी-2012 मुख्य परीक्षा इसी साल 22 से 25 मार्च के बीच हुई थी। मुख्य परीक्षा में 4422 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें 831 का इंटरव्यू के लिए चयन हुआ है। इंटरव्यू 10 नवंबर से शुरू होंगे। लोक सेवा आयोग ने पिछले ही महीने पीएससी-2013 की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया है। इसमें पास उम्मीदवारों की मेंस (मुख्य) परीक्षा 22 से 25 नवंबर के बीच होगी। इंटरव्यू भी इसी समय चलेंगे, इसलिए ऐसे तमाम परीक्षार्थी बेचैन हैं जिन्हें इंटरव्यू देना है और मेंस परीक्षा में भी अपीयर हो रहे हैं। ऐसे सभी अभ्यर्थियों को मेंस और इंटरव्यू की तिथि के बीच कम से कम एक महीने का अंतर चाहिए। इसके लिए भी अभ्यर्थी न्यायालय जा सकते हैं।