(फाइल फोटो: सीएम रमन सिंह)
रायपुर। राज्य सरकार ने वेटेरनरी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र को बढ़ाने का फैसला लिया है, जो अब 62 से बढ़कर 65 साल होगी। डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इस प्रस्ताव को शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में रखी गई कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही करीब सात अन्य विधेयकों को भी शीतकालीन सत्र में पेश करने करने को मंजूरी दी गई है। बता दें कि राज्य सरकार ने वेटेरनरी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र में यह बढ़ोत्तरी करने का फैसला उस समय लिया है,जब प्रदेश में पहले से ही सारे सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है। प्रदेश में वेटेरनरी डॉक्टरों की संख्या मौजूदा समय में करीब आठ सौ है। वहीं इसके करीब 250 पद खाली भी पड़े है।
इसलिए है वेटेरनरी डॉक्टरों की कमी
प्रदेश में वेटेरनरी डॉक्टरों की कमी की एक बडी बजह प्रदेश में वेटेरनरी का सिर्फ एक कॉलेज होना है। जहां से प्रति वर्ष मात्र 35 डॉक्टर ही पास होकर निकलते है। ऐसे में मांग के अनुसार वेटेरनरी डॉक्टर नहीं मिल पा रहे है। नतीजतन विभाग में इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है।
कब लिया गया यह फैसला
राज्य सरकार ने वेटेरनरी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 करने का यह फैसला उस समय लिया है, जब रिटायरमेंट की मौजूदा 62 साल की उम्र को ही कम करने की अटकलें लगाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार इसे 60 करने की विचार कर रही है। पर अभी तक इस पर कोई भी फैसला नहीं हो सका है। हरियाणा सरकार ने हाल ही में अपने यहां कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 से 58 करके इस पूरे मामले को और तूल दिया है।
सात विधेयकों को दी गई मंजूरी
कैबिनेट में मंगलवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाली सात विधेयकों को भी मंजूरी दी गई है। इनमें भाड़ा नियंत्रक विधेयक,जजों की नियुक्ति नियमों में बदलाव, ट्रिपल आईआईटी में डॉयरेक्टरों की नियुक्ति न होने तक बोर्ड के सदस्यों को ही अधिकार देने संबंधी विधेयक, वेटेरनरी डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र बढाने आदि को अंतिम रुप दिया गया है।
धान खरीदी की बढ़ी लिमिट को भी दी मंजूरी
धान खरीदी की बढ़ी लिमिट को भी कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने पिछले दिनों में धान खरीदी की लिमिट 10 से बढ़ाकर 15 क्विंटल करने की घोषणा की थी। बता दें कि राज्य शासन ने धान खरीदी की लिमिट में यह बढ़ोत्तरी उस समय की है, जब इसे लेकर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।