(फोटो: रायपुर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के अंदर कहीं भी शहीद वीर नारायण सिंह का नाम नहीं लिखा है।)
रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत की बरसी पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुद्दा जोरों से गरमाया है। दरअसल स्टेडियम का नामकरण तो उनके नाम पर किया गया है, लेकिन जिम्मेदार विभागों के पास इसे बताने या दिखाने के लिए कोई लिखित दस्तावेज नहीं हैं। dainikbhaskar.com ने जब स्टेडियम के नामकरण के दस्तावेजों के लिए खेल विभाग, लोक निर्माण विभाग और नया रायपुर विकास प्राधिकरण से बात की तो तीनों एक-दूसरे के पास दस्तावेज होने की बात कहते रहे।
इस स्टेडियम में
आईपीएल और चैम्पियंस लीग के मैच हो चुके हैं, दोनों ही टूर्नामेंट के दौरान टिकटों और टूर्नामेंट्स की ऑफिसियल साइट्स पर इस स्टेडियम का नाम इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम ही लिखा गया था। यानि इस स्टेडियम का आधिकारिक नाम शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर नहीं है। यह उनकी शहादत का अपमान है।
आज है शहादत की बरसी
शहीद वीर नारायण सिंह को 10 दिसंबर 1857 को अंग्रेजों ने बीच बाजार तोप से उडा दिया था। आज उनकी शहादत की बरसी पर पूरे प्रदेश में कई आयोजन किए जा रहे हैं और हो भी क्यों न। उन्होंने अपने देश की आजादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और संघर्ष करते हुए शहीद हो गए। राज्य सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा दिया और मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने परसदा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखने का ऐलान किया।
जिम्मेदार विभागों के पास नहीं है नामकरण के कागजात
स्टेडियम की जमीन का हक रखने वाले नया रायपुर विकास प्राधिकरण, स्टेडियम का निर्माण करने वाली एजेंसी लोक निर्माण विभाग और खेल से जुड़ी गतिविधियों का जिम्मेदार खेल विभाग तीनों के पास शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से जुड़े कागजात नहीं है। खेल विभाग के अधिकारी कागजात होने की बात कहते भी हैं, लेकिन दिखाने से इंकार करते हैं और दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डाल देते हैं।
हमारी सिर्फ जमीन
नया रायपुर विकास प्राधिकरण के पीआरओ विकास शर्मा का कहना है कि परसदा में स्टेडियम बनाने के लिए जमीन नया रायपुर विकास प्राधिकरण ने दी है। हमारे पास जमीन का सिर्फ स्वामित्व है। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। इसकी प्रक्रिया भी संबंधित विभाग से हुई होगी, लेकिन हमारे पास नामकरण से जुड़ा कोई
लिखित दस्तावेज नहीं है।
हमारा काम सिर्फ निर्माण
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर, जिनकी देखरेख में स्टेडियम का निर्माण हुआ राजीव मिश्रा का कहना है कि खेल से जुड़ी गतिविधियां और नामकरण का पूरा मामला खेल विभाग का है। मुख्यमंत्री ने अनुमोदन किया था। नामकरण की प्रक्रिया खेल विभाग से हुई है। नामकरण के बारे में वही बता पाएंगे।
पीडब्ल्यूडी से मांगों या देखो कागजात
खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ओपी शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। हमारे पास नामकरण का पत्र आया है, पर उसे दिखा नहीं सकता। ये काम लोक निर्माण विभाग का है। उनसे पत्र देख सकते हैं।
नामकरण को लेकर हो चुका है हंगामा
पिछले साल हुए
आईपीएल और इस साल सितंबर में हुए चैंपियन्स लीग मैचों के टिकट में छग इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम लिखा था न कि शहीद वीर नारायण सिंह। इसे लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने मुद्दा भी उठाया था।
स्टेडियम के अंदर भी नाम नहीं
स्टेडियम के अंदर भी शहीद वीर नारायण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नहीं लिखकर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम रायपुर, गवर्नमेंट ऑफ छत्तीसगढ़ लिखा गया है। इससे बड़ा सबूत स्टेडियम के नामकरण को लेकर नहीं दिया जा सकता है। हालांकि स्टेडियम के बाहर जरूर शहीद का नाम लिखा है।