फोटो: सदर बाजार स्थित अपनी शॉप पर बैठे मुकेश चोपड़ा।
रायपुर. भले ही भाजपा और कांग्रेस ने महापौर और पार्षद पद तक के टिकट फाइनल नहीं किए हों, लेकिन रायपुर का एक शख्स ऐसा है, जो दोनों पार्टियों से न सिर्फ दावेदारी कर रहा है, बल्कि नामांकन तक भर दिया है। वह भी महापौर और पार्षद दोनों पदों के लिए। ऐसे में जहां सालों-साल से पार्टी से जुड़े नेता एक टिकट के लिए अपने बड़े नेताओं की चौखट पर नाक रगड़ रहे हैं, वहां दोनों पार्टियों से दावेदारी करने वाला ये शख्स चर्चा में आ गया है।
मुकेश कुमार चोपड़ा पिता स्व. गोविंद लाल चोपड़ा रायपुर के सदर बाजार में रहते हैं। उन्होंने मंगलवार को अपना महापौर और वार्ड-39 से पार्षद पद के लिए नामांकन फार्म जमा किया। फार्म की रोचकता यह थी कि उन्होंने महापौर और पार्षद दोनों के दो-दो फार्म जमा किए, जिसमें एक फार्म में भारतीय जनता पार्टी सिंबल कमल और दूसरे फार्म में कांग्रेस-ई सिंबल हाथ का पंजा भरा है। वे किसी एक पार्टी से टिकट का दम भर रहे हैं ।
दो फार्म का उठाया लाभ- नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और पार्षद दोनों पदों के लिए दो-दो नामांकन फार्म दिए जाते हैं। दो फार्म देने का मकसद यह है कि एक फार्म में गलती हो जाए, तो दूसरे में सुधार कर भरा जाए। महापौर पद के लिए सामान्य श्रेणी के लिए 5 हजार और आरक्षित श्रेणी के लिए 2500 हजार रुपए है। पार्षद पद के लिए सामान्य के लिए 1 हजार और आरक्षित श्रेणी के लिए 500 रुपए है। मुकेश ने महापौर के लिए 5000 और पार्षद के लिए 1 हजार रुपए देकर नामांकन फार्म लिया और दोनों फार्मों को पार्टी के नाम पर भर दिया।
टिकट नहीं मिला तो होंगे निर्दलीय- कांग्रेस और बीजेपी अपने प्रत्याशी को बी-फार्म पार्टी कार्यालय से देंगी। मुकेश को अगर पार्टियों से बी-फार्म नहीं मिला, तो उनको निर्दलीय माना जाएगा।
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