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एमबीबीएस का परचा लीक होने को अफवाह बताया आयुष विवि के कुलपति ने

7 वर्ष पहले
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रायपुर। आयुष विश्वविद्यालय द्वारा कराए जा रहे एमबीबीएस फाइनल पार्ट दो की परीक्षा में गायनी समेत अन्य सभी विषयों का परचा लीक होने को कुलपति डॉ. जीबी गुप्ता ने अफवाह करार दिया है। शुक्रवार को भास्कर से कहा कि परचा लीक होने की कतई संभावना नहीं है। परीक्षा के पहले परचा मिले तो मामले की जांच करवाई जा सकती है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने गुरुवार को छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी थी।

भास्कर संवाददाता को बुधवार की रात 8 बजे व गुरुवार की रात 8.22 बजे एक मेडिकल छात्र का फोन आया। उस छात्र का दावा है कि एमबीबीएस फाइनल ईयर पार्ट दो का परचा लीक हो गया है। कुछ छात्र 35 से 40 हजार रुपए लेकर यह परचा बेच रहे हैं। फोन करने वाले स्टूडेंट ने परचा बेचने वाले व परचा खरीदने वाले का नाम भी बताया। यही नहीं परचा बेचने वाले का मोबाइल नंबर भी दिया। जब भास्कर संवाददाता ने कथित परचा बेचने वाले के मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो उसने परचा बेचने से ही इनकार कर दिया। जिस स्टूडेंट ने फोन किया था, उसका दावा है कि सभी पर्चे लीक हुए है और इसमें डेंटल व मेडिकल कॉलेज के कुछ छात्र लिप्त है। उसका यह भी दावा है कि मुन्ना भाई जो बार-बार परीक्षा में फेल हो रहे हैं, वही परचा ले रहा है। छात्र का यह भी दावा है कि परीक्षा प्रेस से लीक हो रहा है। हूबहू वही परचा है, जो परीक्षा में बांटा जाता है। उन्होंने परचा की कॉपी देने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि इसमें बहुत खतरा है।
10 से 15 संदिग्ध दे रहे परीक्षा
5 दिसंबर से शुरू हुई एमबीबीएस फाइनल पार्ट दो की परीक्षा में 10 से 15 संदिग्ध स्टूडेंट परीक्षा दे रहे हैं, जिनका नाम सीआईडी की जांच में आ चुका है। सूत्रों के अनुसार यही स्टूडेंट जाली पेपर खरीद रहे हैं। परीक्षा 15 दिसंबर तक चलेगी। शुक्रवार को गायनी का दूसरा पेपर होगा। वहीं 15 दिसंबर को पीडियाट्रिक का पेपर है। अब तक मेडिसिन के दो, सर्जरी के दो व गायनी का एक पेपर हो चुका है।

विवि की छवि धूमिल करने का प्रयास-कुलपति
एमबीबीएस का परचा लीक होने की संभावना कम है। कड़ी सुरक्षा के बीच परचा प्रेस से व विश्वविद्यालय से परीक्षा केंद्र पहुंचाया जाता है। परीक्षा होने के पहले परचा मिले तो जांच करवाने का नियम है। पर अभी तक कोई जाली परचा नहीं मिला है। कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैलाकर विवि की छवि धूमिल करना चाहते हैं।- डॉ. जीबी गुप्ता, कुलपति आयुष विवि
जो निर्देश आएगा, पालन किया जाएगा
छात्रों की शिकायत के बाद परचा लीक होने की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी गई है। परचा रद्द करना या नहीं करना विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में है। वहां से जो भी निर्देश आएगा, उसका पालन किया जाएगा।- डॉ. अरविंद नेरल, केंद्राध्यक्ष मेडिकल कॉलेज