(फोटो: रायपुर साहित्य महोत्सव के कार्यक्रमों की शूटिंग ड्रोन से की जा रही है।)
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के मकसद से नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित रायपुर साहित्य महोत्सव का शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने उद्घाटन किया। इस मौके पर सीएम ने समारोह में शिरकत कर रहे सभी साहित्यकारों का प्रदेश के ढाई करोड़ लोगों की तरफ से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी ने कई साहित्यकारों को जन्म दिया है, इस कार्यक्रम से पूरा प्रदेश गौरवांवित हुआ है। उद्घाटन समारोह में संस्कृति मंत्री अजय चंद्राकर भी मौजूद रहे।
समारोह के लिए चार अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं जिनके माध्यम से साहित्यकार पाठकों से सीधे संवाद कर सकेंगे। राजधानी में यह इस तरह का पहला आयोजन है। इसकी शूटिंग ड्रोन के माध्यम से की जा रही है।
यह 14 दिसंबर तक चलेगा। इसमें सुभाष घई, नादिरा बब्बर, हंसल मेहता, अशोक चक्रधर, निदा फाजली सहित कई नामचीन साहित्यकार शिरकत करेंगे। महोत्सव में रोजाना चार मंडपों-गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, मुकुटधर पांडेय और हबीब तनवीर मंडप के पैनलिस्ट के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। एक ही समय में चारों मंडप के पैनलिस्ट अलग-अलग विषयों पर चर्चा करेंगे। यहां ख्यात सूफी गायक कैलाश खेर और रेखा भारद्वाज भी शामिल होने वाले थे, लेकिन हाल ही में हुए नक्सली हमले के कारण इनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
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