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भास्कर छत्तीसगढ प्राइड अवॉर्ड: जिद की जीत को मिला सम्मान

7 वर्ष पहले
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रायपुर। दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित छत्तीसगढ प्राइड अवॉर्ड में गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे आठ ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिनकी जिद ने उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाया। जिनके काम से आज पूरा प्रदेश गौरवांवित है। सभी विजेताओं को अभिनेता अनुपम खेर और मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंह के हाथों सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल और एमडी गिरिश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
इस मौके पर अनुपम खेर ने कहा कि यदि आप जीतना चाहते हैं, सफल होना चाहते हैं तो हार को सेलिब्रेट करना सीखिए। उन्होंने कहा कि जीवन की सबसे बडी हार ही सबसे बडी सफलता के लिए रास्ता दिखाती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के लिए काम कर रहे लोगों का सम्मान करना एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि सपने सभी देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने की जिद ही मंजिल तक पहुंचाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि ११ साल पहले उन्होंने जिस दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी उसी दिन प्रदेश के ८ गौरवों का भी सम्मान किया जा रहा है। भास्कर की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इस समूह ने लोगों को एक नई सोच दी है।
समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि दैनिक भास्कर समाज की भलाई और लोगों को एकजुट करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। छत्तीसगढ़ में प्राइड अवार्ड की यह शुरुआत है। इसे हर साल आयोजित किया जाएगा।
आगे की स्लाइड्स में जानें कौन हैं प्राइड अवॉर्ड के विजेता
सबा अंजुम (खेल)
खिलाड़ी के लिए मेडल और अवॉर्ड ही सब कुछ होते हैं। मैं आपको बता नहीं सकती भास्कर का प्राइड अवॉर्ड मेरे लिए कितना बड़ा अचीवमेंट है। सोचा नहीं था, संघर्ष और लगन मुझे यहां तक पहुंचा देंगे।
डॉ. अरूण मढ़रिया (शिक्षा)
ये मेरा नहीं उन बच्चों का सम्मान है, जिनके अपनों को नक्सलवाद ने छीन लिया। कोिशश कर रहे हैं कि इनके जीवन का खालीपन और अंधियारा दूर कर िशक्षा की जोत जलाएं। इसी से समाज को दिशा मिलेगी।
गंगा डायग्नोस्टिक (स्वास्थ्य)ब सीईओ बानमली साहू बताते हैं िक आज स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी महंगी हो गई हैं कि आम आदमी परेशान हो जाता है। ऐसे में उन्हें थोड़ी सी राहत दे पाएं, बस इसी की छोटी सी कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. रमा पाण्डेय (वूमन अचीवर) मेरा मोराल बूस्टअप हो गया। अब स्टूडेंट्स के साथ और तेजी से एंटी कैंसर एजेंट पर काम करूंगी। मैं बता दूं कि इसी शोध में मुझे एंटी सिकलिंग एजेंट भी मिला है। दो घातक बीमारियां काबू में आएंगी।
डॉ. परदेशी राम वर्मा (कला एवं साहित्य) मुझे लगता है कि िनष्ठा से जो काम किया जाता है, उसका परिणाम सबके लिए सार्थक होता है। इसीलिए कभी िनराश नहीं होता। हमेशा साधना में जुटा रहता हूं। मेरी सबको सलाह है कि हिम्मत न हारें।
मोहित साहू (यूथ अचीवर) युवाओं को कभी लकीर का फकीर नहीं बनना चाहिए। मैं माइनिंग का स्टूडेंट था लेकिन आईटी में स्कोप ढूंढ़ा। सबसे पहले कार्यक्षेत्र को पैशन बनाइए और पैशन को अपना प्रोफेशन। इसी से सफलता मिलती है।
डॉ. दिनेश मिश्रा (समाज सेवा)
टोनही के अंधविश्वास ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं का बहुत अहित किया। अत्याचार की इंतेहा हो गई। ऐसे में हमने सोचा अब और नहीं। इसीलिए समाज के बीच पैठ गई अंधविश्वास की जड़ें खत्म करने जुटे हैं।
नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी (पर्यावरण) सचिव मोइज अहमद बताते हैं कि हर प्राणी प्रकृति के लिए जरूरी है, फिर चाहे वह सांप ही क्यों न हो। एक दौर था जब शहरों में लोग बेदर्दी से इन्हें मार दिया करते थे लेकिन हमने उन्हें जागरूक किया।