(फाइल फोटो: अंबेडकर अस्पताल के मरच्यूरी के कचरे के ढेर में फेंक दी गई थी जवानों की वर्दी)
रायपुर। अंबेडकर अस्पताल की मरच्यूरी में कसालपाड़ नक्सली हमले में शहीद जवानों के जूतों व वर्दी को कचरे में फेंकने के मामले में राज्य सरकार ने न्यायिक जांच की घोषणा की थी। लेकिन जब जांच शुरू हुई और फोरेंसिक डिपार्टमेंट के डॉक्टरों को बयान के लिए एसडीएम के सामने बुलाया गया तो जिम्मेदार डॉक्टर अलग-अलग बहाने से छुट्टी पर चले गए।
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार एसडीएम कार्यालय से जब बयान के लिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को बुलाया तो वे बयान देने के बजाय छुट्टी पर चले गए। फोरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. आरके सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर उल्लास गोन्नाडे, डॉ. स्निग्धा जैन सभी ने किसी न किसी बहाने छुट्टी ले ली। डॉ. एसके बाघ, एन. बारामाते व डॉ. एम. निराला ने ही एसडीएम के समक्ष बयान दिया। बाकी डॉक्टरों का अब तक बयान नहीं हुआ है।
डीन के साथ प्रदेश सलाहकार हैं डॉ. सिंह
फोरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. सिंह राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के डीन के साथ प्रदेश सरकार के फोरेंसिक सलाहकार भी हैं। बताया जाता है कि वे अपने वरिष्ठ पद को देखते हुए किसी जूनियर अधिकारी के समक्ष बयान देने के बजाय छुट्टी पर चले गए।