रायपुर। मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट एमबीबीएस फाइनल पार्ट दो का परचा कथित रूप से लीक होने की शिकायत सोमवार को डीन डॉ. एके चंद्राकर से करेंगे। वे लिखित शिकायत में संदिग्ध स्टूडेंट का नाम भी बताएंगे। भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार संदिग्ध स्टूडेंट की संख्या 15 से 20 के बीच है। ये सभी फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं।
एमबीबीएस फाइनल पार्ट दो के सभी पेपर लीक होने का हल्ला है। हालांकि आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जीबी गुप्ता ने इसे अफवाह करार दिया है। दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में विश्वविद्यालय ही कोई कार्रवाई कर सकता है। इस संबंध में भास्कर संवाददाता से संपर्क करने वाले स्टूडेंट्स का दावा है कि उन्होंने परचा बेचते व लेने वालों को देखा है, लेकिन करियर की वजह से इस संबंध में खुलकर कुछ नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार को जब गायनी का परचा हुआ तो इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज के केंद्राध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल से की गई थी। डॉ. नेरल ने शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी आयुष विवि के उच्चाधिकारियों को दे दी थी।
कल आखिरी पेपर
सोमवार को एमबीबीएस फाइनल पार्ट दो का आखिरी पेपर पीडियाट्रिक का है। परचा होने के बाद स्टूडेंट डीन डॉ. चंद्राकर से शिकायत करने वाले हैं। कई स्टूडेंट का दावा है कि अब तक मेडिसिन, जनरल सर्जरी व गायनी के दो-दो पेपर लीक हुए हैं। पेपर सीधे प्रेस से लीक हुए हैं। स्टूडेंट का कहना है कि वे मेहनत कर परीक्षा पास कर रहे हैं और कुछ छात्र परचा खरीदकर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। ऐसे में वे चुप नहीं रह सकते। स्टूडेंट का दावा है कि परचा मुन्ना भाई खरीद रहे हैं। वे ऐसे छात्र हैं, जो पीएमटी तो पास कर आए हैं, लेकिन उनके स्थान पर किसी और ने परचा दिया है। सीआईडी की संदिग्ध सूची में इन छात्रों का नाम है, लेकिन कोर्ट से राहत मिलने के कारण वे परीक्षा दिला रहे हैं।