रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राज्य के सभी स्कूलों में वेलेंटाइन डे के दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का निर्देश दिया गया है। तीन साल पहले राजिम कुंभ के दौरान आसाराम बापू के आदेश पर रमन सिंह ने यह परंपरा शुरू की थी जो अब तक जारी है। यह बात अलग है कि वेलेंटाइन डे का विरोध करने वाले आसाराम खुद यौन शोषण के आरोप में अभी जेल में हैं।
आसाराम ने 10 फरवरी 2012 को राजिम कुम्भ में जनता को संबोधित करते हुए कहा था, ‘विदेशी चैनलों ने भारतीय संस्कार को छीन वैलेंटाइन डे जैसी कुरीति भर दी। 14 फरवरी को वैलेंटाइन्स डे की जगह माता-पिता पूजन दिवस मनाना चाहिए।'
आसाराम के इसी बात को मानते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को जो निर्देश जारी किया है उसमें सात फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक की एक लिस्ट है। लिस्ट में सात फरवरी को धारणा दिवस, आठ को भावना दिवस, नौ को सेवा दिवस,10 को संस्कार दिवस, 11 को संकल्प दिवस, 12 को सत्कार दिवस 13 को श्रद्धा दिवस और 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने को कहा गया है। राज्य सरकार की ओर से ऐसे निर्देश पिछले तीन सालों से जारी हो रहे हैं।