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प्रिंसिपल ने छात्रा के कपड़े उतरवाकर स्टाफ के सामने की बदसलूकी

6 वर्ष पहले
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रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला स्थित नवोदय विद्यालय में कथित रूप से छात्रा के साथ लंबे समय से दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद आरोपी प्रिंसिपल, वार्डन व नर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला कटघोरा ब्लॉक मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर सलोरा में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय से जुड़ा है।

ज्यादती की खबर पाकर स्कूल पहुंची पीडि़त छात्रा की मां व नानी ने बताया कि प्रिंसिपल सहित चार महिला स्टॉफ से स्कूल की छात्राएं लंबे समय से प्रताडऩा का शिकार हो रही हैं। स्कूल की अन्य छात्राओं ने भी लिखित बयान सौंपे हैं।

क्या हुआ था
पीड़ित छात्रा द्वारा पेश लिखित बयान के अनुसार, \"आठ फरवरी को वह बास्केट बॉल ग्राउंड में सहेलियों के साथ बैठी हुई थी। अचानक प्रिंसिपल सी कन्नम्मा ने अपने कक्ष में बुलाया और अंदर से दरवाजा बंदकर खूब फटकारा। इस बीच प्राचार्य ने एक तमाचा भी जड़ा अर्धनग्न कर अश्लील हरकतें कीं। इस बीच प्राचार्य ने स्कूल के मेस में ही कार्यरत बलभद्र नामक कर्मचारी को बुलवा लिया और उसके सामने यही हरकत दोहराई। विरोध करने पर प्राचार्य ने अपने साथ बदसलूकी का आरोप लगाकर चुप करा दिया।\"
 
घटना को लेकर आक्रोशित करीब 150 छात्राओं ने सोमवार को कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके अनशन पर बैठने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने प्राचार्य, वार्डन व नर्स को सस्पेंड कर दिया। कलेक्टर ने  घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
 
प्रिंसिपल ने कहा- कुछ भी गलत नहीं किया
मामले में आरोपी प्राचार्या सी कन्नम्मा ने खुद का बचाव करते हुए कहा, \"घर के एक दो बच्चों को संभालने के लिए भी माता-पिता को थोड़ी कड़ाई बरतनी पड़ती है। यहां तो सैकंडों बच्चे रहते हैं। उनके अनुशासन बनाए रखने के लिए थोड़ा स्ट्रिक्ट होना तो जरूरी है। इस स्ट्रिक्ट को बच्चों ने प्रताडऩा मान लिया। किसी तरह की अश्लील हरकत मारपीट का आरोप गलत है।\" इधर पीडि़ता के परिजनों का कहना है कि कि ऐसे शिक्षकों को जेल में डाल देना चाहिए।

जांच के लिए भोपाल से आएगी टीम
बच्चों ने जो आरोप लगाया है उसे काफी गंभीर श्रेणी का माना जा रहा है। इस मामले की जांच के बाद जो तथ्य सामने आये हैं उसे प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है।कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी एसडीएम विरेन्द्र पाटले, डिप्टी कलेक्टर मेश्राम साक्षरता मिशन की डीपीओ सीमा भारद्वाज की टीम जांच करने के लिए स्कूल पहुंची। मामले की जांच करने के बाद नवोदय संस्था ने प्राचार्य व एक नर्स को छुट्‌टी पर भेजने का आदेश नवोदय मुख्यालय द्वारा जारी कर दिया। वहीं दो अन्य शिक्षिकाओं के अवकाश पर होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई बाद में की जाएगी।
 
मामले के जांच अधिकारी व कटघोरा के एसडीएम विजेंद्र पाटले ने बताया, \"कलेक्टर के आदेश पर जांच के बाद प्राचार्या समेत तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया है। बच्चों, प्राचार्यों के साथ अन्य स्टाफ से भी चर्चा की गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को दी गई है। मामले की जांच के लिए जल्द ही भोपाल से एक टीम आएगी। शिक्षण संस्थान में इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए।\"
 
नए भवन में शिफ्ट करने के बाद से परेशानी
जिला मुख्यालय के अस्थायी भवन से स्कूल को जब से सलोरा स्थित भवन में शिफ्ट किया गया है तब से यहां की परेशानी शुरू हुई है। फिर भी बच्चों ने हमेशा स्कूल प्रबंधन का सहयोग किया। लेकिन इस बार प्राचार्य, नर्स कुछ शिक्षिकाओं की प्रताड़ना से तंग आकर बच्चों ने गांधीगिरी कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने हाथ में तख्ती ले रखा था जिसमें लिखा था- \"वी डोन्ट वांट सॉरी, वी वांट जस्टिस।\"
 
छात्राओं ने छोड़ दिया था खाना
धरने पर बैठी छात्राओं ने खाना का भी त्याग कर दिया था। लेकिन प्रबंधन अन्य शिक्षकों की समझाइश के बाद वे यहां का खाना खाने को तैयार हुईं। पहले तो प्रबंधन अपने स्तर पर मामला सुलझाने का प्रयास किया। बच्चों ने भी कोई बड़ा हंगामा नहीं किया। समाधान नहीं होने पर मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंची।
 
एसडीएम पाटले मंगलवार को स्कूल पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले टीचिंग स्टाफ से चर्चा की। उसके बाद वे बच्चों को समझाने के लिए उसे पास पहुंचे। बच्चों ने साफ लहजे में प्राचार्य सी कन्नमा, नर्स सावित्री त्रिपाठी और पीटीआई सलोनी एक्का, शिक्षिका अल्का नायक को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके बिना वे अपना विरोध बंद नहीं करेंगे। उनकी जिद पर एसडीएम ने जब सभी पहलुओं को खंगाला तो शिकायत सही पाया।
 
सालों से चल रही प्रताड़ना
प्रताड़ना का यह सिलसिला कोई नया नही है। गाली-गलौज, यौन प्रताड़ना, अश्लील फब्तियां मारपीट इनके साथ जैसे यहां कि नियति ही बन गई है। बच्चों ने पिछले दो साल के दौरान प्रभावी विरोध भी किया तो \'सॉरी\' कहकर मामले को सुलझा लिया गया। लेकिन इस बार बच्चों की जिद से प्रिंसिपल को हटाना पड़ा।
 
टीचिंग स्टाफ भी नाराज
प्राचार्य और उनके करीबी स्टाफ की प्रताड़ना से ज्यादातर टीचिंग स्टाफ भी काफी नाराज थे। स्कूल सूत्रों के मुताबिक कुछ कर्मचारियों की तो इन्होंने कई बार पिटाई भी कर दी है। प्राचार्य कन्नमा खुद डंडे लेकर कई कर्मचारियों को मारने के लिए दौड़ा चुकी हैं। गाली-गलौज करना तो अब रोज की बात हो गई है।
 
आगे मामले से जुड़ी कुछ और तस्वीरें।