ज़िंदा बम

8 वर्ष पहले
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रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज से दो दिन के लिए छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। कल वे नक्सल प्रभावित सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों का दौरा करेंगे, उनके दौरे से ऐन पहले सुकमा में नेशनल हाइवे में दो ज़िंदा बम बरामद किए गए। इलाके में नक्‍सली सक्रिय हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने प्‍लान बदल दिया है। इस बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम में जुटे एक उच्‍चपदस्‍थ सूत्र ने dainikbhaskar.com को बताया कि गृह मंत्री का कार्यक्रम और रूट बदला गया है।
नक्‍सली सक्रिय: बम मिले, विस्‍फोट भी किया
शनिवार को सुकमा जिले के दोम्पाल क्षेत्र में 10-10 किलो के दो टिफिन बम बरामद किए गए।सुकमा-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। शुक्रवार को भी नक्सलियों ने सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र के धर्मपेंटा गांव के करीब बारूदी सुरंग में धमाका किया था। इसमें एक जवान शहीद हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे के दिन भी नक्‍सलियों ने सुकमा जिले में पांच सौ से ज्यादा गांववालों को अगवा कर लिया था और एक की हत्‍या कर दी थी।
स्‍पेशल रूट पर उड़ेगा गृह मंत्री का हेलिकॉप्‍टर
नक्सलियों के हेलिकॉप्‍टर को भी निशाने पर लेने की क्षमता के मद्देनजर गृह मंत्री का जो कार्यक्रम सार्वजनिक किया गया है, असल में उनका दौरा उससे अलग होगा। जगदलपुर से सुकमा पहुंचने का उनका हवाई रूट भी वह नहीं होगा, जिस पर आम तौर पर उड़ान भरी जाती है। गृह मंत्री सीआरपीएफ कैंप जाकर जवानों से मिलना चाहते हैं, तो उनके दौरे के लिए सीआरपीएफ का कोई ऐसा कैंप चुना गया है, जहां सीधे हेलिकॉप्‍टर से पहुंचा जा सके। इस कैंप की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रशासन इस बात के लिए तैयार नहीं है कि गृह मंत्री एक किलोमीटर की दूरी भी सड़क मार्ग से तय करें।
क्‍यों है खतरा
छत्‍तीसगढ़ में नक्सली अब तक आठ हेलिकॉप्टर ध्वस्त कर चुके हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां राजनाथ के लिए हेलिकॉप्‍टर रूट तय करने में भी सावधानी बरत रही हैं। नक्सलियों को भ्रमित करने के लिए वे ऐसे कई कैंपों के आसपास घेराबंदी भी कर रही हैं, जहां वास्‍तव में राजनाथ सिंह को जाना ही नहीं है। सिंह रविवार को सुकमा के सीआरपीएफ कैंप में जाएंगे और जवानों से उनका हाल जानेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री का कार्यक्रम, जो आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है
30 मई- 4:30 PM रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे।
5:00 बजे नया रायपुर में नवनिर्मित पीएचक्यू भवन का उद्घाटन।
6:00 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री, प्रदेश के गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में वामपंथी उग्रवाद (एल.डब्ल्यू.ई.) प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक- आर्थिक विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
9:30 बजे राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान के परिसर में निर्मित खेल परिसर (स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स) का लोकार्पण करेंगे।
10:30 बजे सर्किट हाउस पहुचेंगे राजनाथ, रात्रि विश्राम यहीं करेंगे।
31 मई- 9:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे।
10:30 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे।
11:05 बजे सुकमा हेलिपैड पहुंचेंगे।
11:15 बजे सुकमा एजुकेशन सिटी पहुंचेंगे।
12:35 बजे सुकमा जिले के भेज्जी के CRPF कैंप पहुंचेंगे, वे वहां जवानों से वार्ता करेंगे।
2:25 बजे दंतेवाड़ा के दोरनापाल पहुंचेंगे और फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। सीआरपीएफ और पुलिस जवानों से वार्ता करेंगे।
4:05 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
5:25 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मोदी सरकार के एक साल में क्या कम हुए छत्तीसगढ़ में हमले?
छत्तीसगढ़ के 10 जिले नक्सल प्रभावित हैं। राज्य में नक्सली हिंसा में 2013 के मुकाबले 2014 में गिरावट आई थी। लेकिन अब नक्सली हमले फिर तेज होते दिख रहे हैं।
वर्षनक्सली हिंसामौतें
20131760611
20141091309
2015 (जनवरी-मार्च)320 (पिछले साल 280)
सरकार ने एक साल में क्या प्रयास किए?
सरकार ने ज्यादा नया कुछ नहीं किया। सुरक्षा बढ़ाने और विकास को बढ़ावा देने की ही रणनीति अपनाई। लेकिन सरकार का दावा है कि 2014 में 400 माओवादियों ने सरेंडर किया है। नक्सलियों से निपटने की केंद्रीय नीति में राज्य पुलिस को ज्यादा अधिकार देने की बात कही गई है। लेकिन जमीनी स्तर पर तालमेल की कमी नजर आ रही है।

क्या कमजोर हो रहा है खुफिया तंत्र?
हालिया घटनाएं यही बता रही हैं। इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य में दौरे से पहले नक्सलियों ने 500 ग्रामीणों को बंधक बना लिया था। अप्रैल में कांकेर के पखंजूर इलाके में बीएसएफ के एक कैंप को निशाना बनाया गया। एक जवान शहीद हो गया। नक्सली अपने साथ 20 किलोग्राम आईईडी लेकर आए थे। दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों के चोलनार कैंप पर हमले में भी चार जवान शहीद हो गए। गृह मंत्रालय के अफसरों ने भी दबी जुबान में यह बात मानी है कि स्पेशल टास्क फोर्स, स्टेट पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसे बलों के बीच तालमेल कम होने का फायदा नक्सली उठा रहे हैं।

कौन कर रहा है छत्तीसगढ़ की हिफाजत?
राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 50 बटालियन छत्तीसगढ़ में तैनात है। लेकिन राज्य सरकार 26 और कंपनियों की मांग कर रही है।
आगे की स्लाइड्स में देखें सुकमा में बरामद आईईडी बम की तस्वीरें और पढ़ें, मोदी की रैली से पहले माओवादियों ने बनाया था 500 लोगों को बंधक...