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झीरम ब्लास्ट

झीरम ब्लास्ट

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2015, 05:15 PM IST
झीरम ब्लास्ट
रायपुर/बिलासपुर (छत्तीसगढ़). दो साल पहले झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए नक्सली हमले की सुनवाई कर रहे जज के घर के पास शुक्रवार को नक्सलियों ने एक बम ब्लास्ट किया और धमकी भरा ख़त फेंक कर चले गए। हालांकि, विस्फोट से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना शुक्रवार तड़के की है। इस मामले की जांच सुबह से अब तक पुलिस गोपनीयता के साथ कर रही थी। शाम को जब फोरेंसिक टीम जांच के लिए जज के घर के बाहर पहुंची तब घटना का खुलासा हुआ। 
 
केस से हट जाओ
झीरम घाटी हमले की सुनवाई कर रहे जज महादेव कातुलकर के घर के मेन गेट पर बम फटा। बम की आवाज सुनकर कातुलकर जब बाहर निकले तो उन्हें गेट पर एक खत मिला, जिसमें कातुलकर को झीरम घाटी हमले की सुनवाई से हटने की नसीहत दी गई थी। खत में लाल सलाम लिखा था और न हटने पर बुरा अंजाम होने की धमकी दी गई थी।
 
कब हुआ था हमला?
25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन रैली के बाद लौट रहे नेताओं के काफिले पर हमला किया था। हमले में पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बस्तर टाइगर कहे जाने वाले महेंद्र कर्मा, तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष नंद कुमार पटेल समेत 30 कांग्रेसी मारे गए थे। इस हमले की जांच एनआईए को सौंपी गई है और इसकी सुनवाई के लिए बिलासपुर में महादेव कातुलकर की विशेष अदालत में चल रही है।
 
कड़ी सुरक्षा के बावजूद दिया घटना को अंजाम
जज महादेव कातुलकर झीरम घाटी हमले की जांच के लिए बनी विशेष अदालत के न्यायाधीश हैं। बिलासपुर के जिस इलाके में उनका घर है, वहां चाक-चौबंद व्यवस्था रहती है। उनके घर के ठीक सामने एसपी आवास है और आसपास कई वीआईपी रहते हैं। बावजूद इसके, इस घटना को अंजाम दिया गया है। 
 
आंधी के कारण फुटेज भी साफ़ नहीं
जिस समय कातुलकर के आवास के सामने बम फोड़ा गया उस समय काफी तेज आंधी चल रही थी। आवास के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन धूल और अंधेरे के कारण घटना को अंजाम देना वाला साफ़ नहीं दिख रहा है।
 
आगे की स्लाइड्स में देखें, झीरम घाटी हमले की कुछ तस्वीरें:
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