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डाउनलोड करेंउदयपुर. देशव्यापी आह्वान के तहत शुक्रवार को जिले की सभी दवाइयों की दुकानें एक साथ बंद कर दी गई। रात 12 बजे से दवाइयों की बंद हुई दुकानों के चलते अस्पताल रोड स्थित दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
देश व्यापी बंद का असर था कि रात 12 बजने के साथ ही अस्पताल परिसर के सामने देर रात या 24 घंटे संचालित दुकानों के शटर गिरा दिए गए। एसोसिएशन के सदस्य भी इन दुकानों पर ही निगरानी के लिहाज से वहां मुस्तैद थे।
सुबह अस्पताल के सामने स्थित दुकानों पर मरीज व उनके परिजन काफी देर तक दुकानें खुलने का इंतजार करते रहे। लेकिन बाद में व्यापारियों के नहीं आने और पास ही स्थित सभा स्थल पर मौजूद होने की सूचना मिली।
व्यापारियों ने सभा के बाद रैली के रूप में चेतक चौराहा, हाथीपोल, अश्विनी बाजार, देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और प्रदर्शन किया।
तीस हजार जुर्माना का भय
कई लोगों ने व्यवहार में दवा व्यापारियों को दुकान खोलकर दवा देने को भी कहा। एसोसिएशन के तीस हजार रुपए का जुर्माना और आठ टोलियां निगरानी के लिए गठित होने का भय था कि व्यापारी व्यवहार भूलकर मदद करने से इंकार करते मिले।
इसके विपरीत अस्पताल परिसर में सहकारी दवा घर, निशुल्क दवा योजना और निजी अस्पतालों के दवाघर इस बंद से वंचित रहे। निजी अस्पताल प्रशासन ने अपने दवाघर को बंद में शामिल नहीं किया।
Photo_Tarachand Gawariya
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