उदयपुर. चाहे कितने दावे और आह्वान करें, लेकिन हमारे नेता और जनप्रतिनिधि शहर के विकास में राजनीतिक खींचतान से बाज नहीं आ रहे। इसका नमूना गुरुवार को यूआईटी ट्रस्ट की बैठक में मिला, जब न्यासी और भाजपा पार्षद फूल सिंह मीणा ने अधूरे कामों और समस्याओं को मुद्दा बनाया।
जवाब में यूआईटी चेयरमैन ने झिड़क दिया। वे बोले कि आप (मीणा) बीजेपी के पार्षद हैं, ऐसे विरोध किया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे। राजस्थान में कहीं भी पार्षदों को न्यासी के रूप में यूआईटी ट्रस्ट की बैठकों में नहीं बुलाया जाता। सिर्फ उदयपुर में हमने यह व्यवस्था की है।
भवन बनाने की मंजूरी के नए नियम
यूआईटी नए नियमों के तहत भवन निर्माण की स्वीकृतियां जारी करेगी। नई स्वीकृतियां भवन विनियम 2013 के तहत जारी होंगी। ट्रस्ट बैठक में भवन विनियम 2013 का अनुमोदन कर दिया गया। पुराने नियमों में कुछ बदलाव कर नए लागू किए गए हैं। बैठक में वरिष्ठ नगर नियोजक सतीश श्रीमाली, भूमि अवाप्ति अधिकारी जगमोहन सिंह व ओएसडी प्रदीप सांगावत भी मौजूद थे।
इनकी पालना जरूरी होगी
15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन में लिफ्ट व अग्निशमन का प्रावधान नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार करना होगा। ग्रुप हाउसिंग के लिए प्रस्तावित भूखंड की साइज पांच हजार वर्ग मीटर से अधिक होगी। यह कम से कम से 18 मीटर चौड़ी सड़क पर होना चाहिए। 5 हजार वर्ग मीटर एवं इससे अधिक क्षेत्रफल के भूखंड पर 15 प्रतिशत भूमि पर हरियाली रखनी जरूरी होगी। अग्नि शमन वाहन के आने-जाने के लिए कम से कम 3.6 मीटर का गलियारा रखना होगा। पार्किंग और वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी करनी होगी। 24 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर बहुमंजिला भवन बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
5 हजार वर्ग मीटर तथा उससे बड़े भूखंडों में अपशिष्ट जल के शुद्धीकरण के लिए रिसाइकिलिंग की व्यवस्था करनी होगी। पालन नहीं करने पर निर्माणकर्ता से हर साल पेनल्टी लेंगे।
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Photo_Tarachand Gawariya