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डाउनलोड करेंउदयपुर. हाथी दांत से बनी वस्तुओं को घर, प्रतिष्ठान में रखने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। जिन लोगों के घर या प्रतिष्ठान की शोभा बढ़ाने वाली एंटीक वस्तुए जो हाथी दांत से निर्मित की गई है कि जानकारी क्षेत्र के वन्यजीव प्रतिपालक को उपलब्ध करानी होगी।
उपमुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राहुल भटनागर ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार सील शुदा आइवरी आइटम का निस्तारण महानिदेशक (वन) भारत सरकार के निर्णय के अनुसार होगा।
आवेदन करना होगा: उपमुख्य वन्यजीव प्रतिपालक कार्यालय द्वारा वर्ष 2000 में सील किए गए आइवरी आइटम में से शर्तों के अनुसार लोग अपने पास रख सकेंगे। वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम 1972 की धारा-41 के तहत आवेदन करना होगा।
हाथी दांत से बनी वस्तुओं का विवरण जरूरी: जिन हाथी दांत वस्तुओं से बनी वस्तुओं का स्वामित्व लोग चाहते है। उन्हें बोनाफाइड उपयोग के लिए औचित्य का विवरण भी देना होगा। ताकि संबंधित अधिकारी उस पर निर्णय ले सकें।
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