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जंगल में रात्रि विश्राम कर सकेंगे पर्यटक

8 वर्ष पहले
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उदयपुर. वन विभाग की ओर से इको टूरिज्म को प्रभावी बनाने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए फुलवारी की नाल स्थित पानरवा वन क्षेत्र को एडवेंचर एक्टिविटी से जोड़ा गया है। सैलानी यहां ना केवल वनक्षेत्र में रोमांचक खेलों का लुत्फ उठा सकेंगे। बल्कि जंगल में रात्रि विश्राम भी कर सकेंगे।

चार रूम और पांच टेंट पानरवा में सैलानियों के रात्रि विश्राम के लिए चार रूम और पांच टेंट की व्यवस्था की गई है। रूम में ठहरने पर 600 रुपए प्रति रूम और टेंट का रेंट 400 रुपए प्रति टेंट रहेगा। इसका संचालन इको डेवलपमेंट कमेटी करेगी।

ट्री टॉप हट बनेगा आकर्षण

इस वन खंड में ट्री टॉप हट आकर्षण का केंद्र बनेगा। वन विभाग द्वारा तैयार हट को पेड़ के सबसे ऊपरी हिस्से में निर्मित करवाया है। हट में चार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

सोलर से जगमग हट रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटकों के लिए लाइट की व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र को रोशन करने के लिए एक किलो वाट वाला सोलर सिस्टम लगाया गया है।

ये गतिविधियां होंगी

उपमुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राहुल भटनागर ने बताया कि ऊंचाई लिए पेड़ों पर रस्सी के जरिए चढऩा (हाई रोप), रस्सी के जरिए एक पेड़ से दूसरे पेड़ की बीच वाली दूरी को रस्सी और बांस पर चलकर पार करना (ट्री क्रॉसिंग), जमीन पर विभिन्न अवरोधों को पार करना (ग्राउंड ऑब्सटेकल) जैसी कई एडवेंचर एक्टिविटीज को अभयारण्यों में विकसित किया गया है।

ग्रामीण युवाओं को मिला रोजगार: योजना के तहत अभयारण्यों के आसपास रहने वाले ग्रामीण युवाओं को एडवेंचर एक्टिविटी की ट्रेनिंग दी गई है। प्रशिक्षण लिए इन युवाओं से इन गतिविधियों को संचालित करने का काम सौंपा गया है। इससे उन्हें मौके पर ही रोजगार मिलेगा। यहां आने वाले सैलानियों के लिए ये गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र बनेगी।

बारिश के बाद स्टे और गतिविधियां: उपमुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बताया कि अभयारण्यों में इको टूरिज्म के तहत एडवेंचर एक्टिविटीज और आने वाले टूरिस्ट को न सिर्फ आकर्षित करेंगी। बल्कि उनके रोमांच का दोगुना कर देंगी। बारिश के बाद यहां ये एक्टिविटी प्रारंभ कर दी जाएगी। रात्रि विश्राम के लिए भी जल्दी बुकिंग शुरू की जाएगी।

फोटोः ताराचंद गवारिया