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विदेशों में ड्राइविंग की खातिर बढ़ रही है इंटरनेशनल लाइसेंस की मांग

8 वर्ष पहले
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उदयपुर. संभाग में ऐसे एक हजार से अधिक वाहन चालक हैं, जिन्हें देश ही नहीं, विदेशों में भी वाहन चलाने का लाइसेंस प्राप्त है। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों का ग्राफ बढ़ रहा है। विदेशी धरती पर चालक के रूप में नौकरी की चाहत के लिए ही नहीं बल्कि पर्यटन पर जाने वाले लोग भी इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते है।

विदेश में ड्राइविंग को अपना रोजगार बनाने और स्थानीय स्तर पर प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की अनुमति मिलने से आवेदकों की संख्या में इजाफा हुआ है।

पूर्व में यह अधिकार परिवहन आयुक्त जयपुर को था। अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को जयपुर जाकर कागजी कार्रवाई करनी पड़ती थी। वर्तमान में उदयपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, डूंगरपुर में रहने वाले चालक उदयपुर परिवहन कार्यालय से अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

लाइसेंस की स्थिति: विभाग को मिले अधिकार के बाद 2012 तक 1412 इंटरनेशनल लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2012 में इनकी संख्या 51 दर्ज की गई।

बनवाने में रुचि क्यों: विदेश में रोजगार की तलाश में जाने वाले, पर्यटन के लिए जाने वाले, ड्राइविंग को रोजगार बनाने वाले इंटरनेशनल लाइसेंस लेना पसंद करते हैं। इसके पीछे कारण यह है कि वहां पर किराए पर गाड़ी ली जा सकती है। इसके लिए चालक को हायर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे में ज्यादातर लोग घूमने के लिए वाहन किराए पर करना उचित मानते हैं।

कैसे करें आवेदन?

- क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्धारित प्रारूप में आवेदन करें।

- आवेदन, फोटो राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित हो, नोटेरी द्वारा प्रमाणित फोटो अमान्य है।

- मेडिकल प्रमाण-पत्र भी उच्च चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।

- आवेदन पत्र के साथ 500 रुपए शुल्क जमा कराने के बाद एक दिन में ही यह अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी होता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की संख्या में बढ़ोतरी के पीछे जहां विदेश में नौकरी पाना है। वहीं, भ्रमण के लिए वाहन किराए पर लेकर स्वयं संचालन करना है। दिन प्रतिदिन लाइसेंस बनवाने में तेजी आई है।

- जितेन्द्र सिंह, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी