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डाउनलोड करेंउदयपुर. गर्मियों के दिनों में कई स्वास्थ्य खतरों से दो चार होना पड़ता है। जहां एक तरफ लोग लू से बचने के विभिन्न तरीके अपना रहें हैं। वहीं, युवा खासकर युवतियां त्वचा को झुलसने से बचाने के प्रयास में लगी रहती है। भीषण गर्मी के प्रकोप से छोटे और स्कूली बच्चे भी नहीं बच पा रहे हैं।
एमबी अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. असित मित्तल के अनुसार अस्पताल में भी त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों में 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। तेज धूप का असर शरीर के साथ हमारी त्वचा पर भी पड़ता है। पानी की कमी से जहां डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। वहीं, तेज धूप से त्वचा पर टैनिंग का डर सताता है।
यह होती हैं समस्याएं: तेज गर्मी में सूर्य की किरणें त्वचा संबंधी कई रोगों की जड़ बन जाती है। डॉ. असित मित्तल के अनुसार गर्मियों में सनबर्न, पिंपल्स, टैनिंग, पसीने की दुर्गंध, दाने निकलना, त्वचा का लाल पड़ जाना जैसी समस्याएं होती रहती है।
इसमें टैनिंग और बच्चों में पसीने से बैक्टिरियल और फंगल इंफेक्शन सबसे आम है। सूर्य के यूवी किरणों से सीधे संपर्क में आने से टैनिंग हो जाती है। जिससे त्वचा काली पडऩे लगती है। सूर्य किरणों के अतिरिक्त ड्राय हीट भी स्वेट डर्माटाइटिस जैसे गंभीर रोग देती है।
ऐसे करें बचाव:
1. पूरी बांह के सूती कपड़े पहन कर धूप में निकलें।
2. बच्चों को घमौरियों से बचाने के लिए हर थोड़ी देर में टैलकम पाउडर लगाएं।
3. तेज धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन और कैलेमाइन लोशन का प्रयोग करें।
4. शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। समय समय पर पेय पदार्थों का सेवन करते रहें।
5. दिन में दो बार अवश्य नहाएं।
6. अधिक समस्या होने पर चिकित्सक से एंटी बैक्टिरियल दवा लें।
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